गाँव वाले को रोकना ट्रैफिक पुलिस को पड़ा भारी, मारपीट हो गई, देखें लाइव विडियो

देखें लाइव मारपीट विडियो में, ट्रैफिक की बजाए वसूली पर ज्यादा ध्यान 

देवास। ट्रैफिक पुलिस पर अब तक यह आरोप लगते रहे हैं की वो देवास में शहर के लोगों की बजाए ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बाइक सवारों को ज्यादा रोकती है और उन पर कार्यवाही करती है। आज ट्रैफिक पुलिस को ग्रामीण क्षेत्र से बाइक पर रांग साइड से जा रहे पिता पुत्रों का विवाद पुलिस कर्मी से हो गया और दोनों में मारपीट हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इसका विडियो बना लिया। विडियो में देखा जा सकता है की पुलिस की क्रेन ग्रामीण की गाड़ी को ले जा रही थी तभी विवाद हुआ और ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने युवक को बाइक से धक्का दे दिया जिस पर पिता पुत्र दोनों की मारपीट और गालीगलौज हो गई।

सिविल लाइन चौराहे पर पॉकिजा शोरूम के सामने यातायात विभाग की क्रेन के साथ पुलिस जवान ट्रैफिक सुबेदार के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान विपरित दिशा में एक बाइक पर दो सवार आ रहे थे, पुलिस ने इन्हें रोका और गाडी को क्रेन में टांग दिया। यहीं से विवाद शुरू हो गया, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने युवक को धक्का दे दिया इसके बाद पिता  पुत्र ने ट्रैफिक जवान को दो से तीन थप्पड़ जड़ दिए और क्रेन के चालक भी झगडे में कूद गया और झूमाझटकी होने लगी। लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत किया।

शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट का प्रकरण दर्ज 
कोतवाली पुलिस के अनुसार ट्रैफिक टीआई के निर्देश पर शुक्रवार को सिविल लाइन चौराहे के पास ट्रैफिक पुलिस सुबेदार के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक आरक्षक मन्नूलाल वर्मा ने उलटी दिशा से आ रही बाइक क्र. एमपी ४१ एमई ०११४ को रोका और दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज देने से पहले आरोपी  देवेंद्र पिता दिलीसिंह सिसौदिया निवासी ग्राम छोटी चुरलाई थाना बरोठा तेज में बात करने लगा। उससे चालान राशि जमा करने का कहा तो उसने मना कर दिया। पुलिस अपनी कार्रवाई करते हुए बाइक को क्रेन की मदद से उठाकर ट्रैफिक थाना ले जाना चाहती थी, किंतु युवक ने विवाद शुरू कर दिया।

ट्रैफिक की बजाए वसूली पर ज्यादा ध्यान 

देवास की ट्रैफिक पुलिस पर वसूली के आरोप लगते रहे हैं। शहर में कितना भी बेतरतीब ट्रैफिक हो लेकिन इन्हें सिर्फ चालन काटने से मतलब होता है। इस मामले में भी क्रेन में मौजूद निजी लोगों के साथ मिल कर ट्रैफिक पुलिस कार्यवाही कर रही थी। ट्रैफिक पुलिस की क्रेन से ग्रामीणों को लगातार टार्गेट करने के आरोप पहले भी लगे है। जनसेवा के नारे को लेकर चलने वाली पुलिस ग्रामीणों से कैसा व्यवहार करती है वो विडियो में साफ़ देखा जा सकता है। मामले में विवाद की स्थिति में अच्छे व्यवहार से इस घटना को रोका जा सकता था। बेहतर है ट्रैफिक पुलिस अपने मूल काम को करे और जनता से अच्छा व्यवहार करे।

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