मीडिया को रखा दूर, हर बात पर असहयोग
शहर और जिले भर में मीडिया के काम को लेकर कलेक्टर ने एक मार्मिक पत्र जारी किया था जिसमे पत्रकारों के लिए खूब तारीफों के पुल बांधे गए थे, लेकिन जिला संकट प्रबंधन समूह में किसी भी वरिष्ठ पत्रकार प्रतिनिधि को स्थान नहीं दिया गया। जबकि पत्रकार जिले की नब्ज पहचानता है। मीडिया को आज भी सूचना संकलित करने में अधिकारीयों का सहयोग नहीं मिलता है। लगता है हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं।