विडियो रिपोर्ट: घोटाला, एक लाख रुपए कम में कृषि उपज मंडी में मिलता रहा व्यापार लाइसेंस, किसानों के रुपए मंडी को चुकाने पड़े

मंडी में व्यापार के लिए 50 प्रतिशत प्रतिभूति जमा करवाने का नियम लेकिन असक्षम व्यापारियों को मिलता रहा एक लाख से भी कम में लाइसेंस, बड़ा घोटाला उजागर

देवास। कृषि उपज मंडी में अब तक एक लाख रुपए से भी कम प्रतिभूति (सुरक्षा राशी) जमा करवा कर व्यापार करने का लाइसेंस दिया जाता रहा। इसका परिणाम यह हुआ की विद्या ट्रेडर्स नाम की फर्म का व्यापारी दिलीप सिंह 47 किसानों को 22 लाख से अधिक का चूना लगा गया। मामले के खुलासा तब हुआ जब मंडी सचिव से इस व्यापार में प्रतिभूति राशी के बारे में पुछा गया। बकौल सचिव अश्विन सिन्हा नियम अनुसार व्यापार करने के मूल्य की आधी राशी सुरक्षा के तौर पर मंडी समिति को जमा करवानी होती है, जबकि देवास की कृषि उपज मंडी में एक लाख रुपए से भी कम जमा करवा कर असक्षम व्यापारियों को लाइसेंस दिया गया। मामले में बड़े घोटाले की भी बू आ रही है।

किसानों ने किया फिर हंगामा, मंडी को चेक देने पड़े

विद्या ट्रेडर्स का व्यापारी दिलीप सिंह 47 किसानों से सोयाबीन खरीद कर करीब 22 लाख रूपये की राशी डकार कर भाग गया।`प्रतिभूति के नाम पर व्यापारी की फर्म ने नाम मात्र की राशी जमा करवाई थी। पुलिस में प्रकरण दर्ज होने के बाद किसानो को अपनी फसल की राशी अटकती दिखी तो उन्होंने सोमवार को मंडी गेट का ताला लगा कर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था की कृषि उपज मंडी में उन्होंने फसल बेचीं थी तो मंडी समिति उन्हें पैसा दे और व्यापारी से वसूली करती रहे। किसान की राशी को तुरंत मिलना चाहिए। जमकर हंगामे के बीच एसडीएम जीवन सिंह रजक मौके पर पहुचे और आखिर 20 दिन आगे के पोस्ट डेटेड चेक सभी किसानों को मंडी की ओर से दिए गए। इस दौरान प्रशासन व्यापारी के घर संपत्ति की कुर्की कर पैसा वसूलने का प्रयास करेगा नहीं तो किसानों का पेमेंट मंडी निधि से हो जायेगा।

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