जिले के सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन

लोक अदालत में समझौते से दोनों पक्षों की जीत होती है और समय की बचत होती है -जिला न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल

देवास। लोक अदालत में समझौते से दोनों पक्षों की जीत होती है और समय की बचत होती है। उपरोक्त विचार जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री डी.के. पालीवाल ने नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम में व्यक्त किए गए। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 09 मार्च 2019 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर ’नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री डी.के. पालीवाल ने कहा कि ’’लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है इससे पक्षकारों के बीच का प्रेम और स्नेह बना रहता है। नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्यायशुल्क की राशि की वापसी होती है। अतः अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठायें।’’

इसके पूर्व नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायालय में माननीय जिला न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। शुभारंभ समारोह में विशेष न्यायाधीश श्री योगेशचंद्र गुप्त, प्रधान न्यायाधीश फेमिली कोर्ट श्री एम.एस.ए. अन्सारी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शमरोज खान, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश,श्री प्रिवेन्द्र कुमार सेन, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री गंगाचरण दुबे, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश श्री कंचन सक्सेना, चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश श्री विकास भटेले, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्रीमती संगीता पटेल एवं न्यायाधीशगण श्री हेमराज सनोडिया, श्रीमती कविता इवनाती, श्रीमती पद्मा राजौरे तिवारी, श्री ए.के. खेरिया, श्री मनीष कुमार सिंह, श्री संजोग सिंह वाघेला, सुश्री अनुष्का शर्मा, श्री नदीम जावेद खान, सुश्री सौम्या विजयवर्गीय, सुश्री रेखा पाराशर, सहित अधिवक्तागण, लोक अभियोजन अधिकारीगण, बैंक अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में पक्षकारगण उपस्थित थे।

     नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक, विद्युत अधिनियम, एनआईएक्ट, चैक बाउन्स, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा, आदि विषयक प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय देवास एवं तहसील स्तर पर सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द एवं बागली में 29 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया है।  नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 2917 प्रकरण एवं 3412 प्रिलिटिगेषन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए। जिनमें से आपसी सुलह समझौते और राजीनामा द्वारा लंबित प्रकरणों में से 51700447 रुपए राशि के 367 लंबित प्रकरण एवं 3869879 रुपए. राशि के 277 प्री-लीटिगेशन प्रकरण निराकृत किए गए ।

नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरण

          नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले में न्यायिक खंडपीठों में न्यायालयों के लंबित प्रकरणों में से राशि 51700447 रुपए राशि के 367 प्रकरण निराकृत हुए। जिसमें न्यायालयों में लंबित नियमित प्रकरणों में आपराधिक प्रकरण 48, चैक बाउन्स 82, मोटर दुर्घटना दावा के 61, फैमेली मेटर्स 11, श्रम विवाद 8, सिविल 28, विद्युत 83, विविध 46 प्रकरण निराकृत हुए। निराकृत 61 क्लेम प्रकरणों में राशि 15164990 रुपए के अवार्ड आपसी समझौते के आधार पर पारित किए गए। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के 82 प्रकरण निराकृत हुए जिनमें 11273239 रूपये के चैकों की राशि में सेटलमेंट किया गया। प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में 3869879 रूपए की राशि के 277 प्रिलिटिगेशन प्रकरण जिसमें बैंक रिकवरी 68, विद्युत 112, अन्य नगर निगम के जलकर के 60 एवं संपत्ति कर के 37 प्रकरण निराकृत हुए।

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