लाइव विडियो: खेल की बजाय विवाद का केंद्र बन गया कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम

जिला खेल अधिकारी और स्पोटर्स क्लब के खिलाडी आमने-सामने, पहले भी हुए हैं विवाद

देवास। कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम अब खेल गतिविधियों से ज्यादा विवाद का केंद्र बन गया है। खेल अधिकारी रूचि शर्मा और खिलाडियों के बीच आये दिन विवाद होते रहते हैं। खिलाडी जहाँ खेल अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हैं वही खेल अधिकारी खिलाडियों पर नियंत्रण रख उनसे फीस वसूलना चाहती हैं।

अब तक स्टेडियम का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। बाहरी मैचों के लिए भी संगठन और कंपनियां इसे किराए पर ले सकती हैं। इसके लिए तीन हजार रुपए प्रतिदिन किराया तय किया गया है। इसके लिए प्रक्रिया तय की गई है। पहले खेल संगठन या आयोजक को लिखित आवेदन देकर शुल्क जमा करवाना होता है और फिर सक्षम अधिकारी इसकी मंजूरी देते हैं। इसी शुल्क को लेकर यहां विवाद हो रहा है। खिलाड़ी और जिला खेल अधिकारी शुल्क जमा करवाने अथवा नहीं करवाने को लेकर आमने-सामने हो गए हैं।

खिलाड़ियों ने तो यहाँ तक आरोप लगाए की खेलों को प्रोत्साहन देने और ग्राउंड का विकास करने के नाम पर भी बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्राउंड का मेंटेनेंस करने और विकेट तैयार करने के नाम पर 10 लाख रुपए का खर्च किया गया है। लेकिन हकीकत यह है कि यहां मिट्टी के ढ़ेर लग रहे हैं। कहीं पर भी एक विकेट ढंग का नहीं है। मनमानी कर कहीं भी पानी डाल दिया जाता है। सुविधा देने के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा रहा। बैठने की जगह, पीने को पानी तक नहीं है। शौचालय की सुविधा पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। इतना पैसा लेने के बावजूद सुविधा पर ध्यान नहीं देना अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार का सबूत है।

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