यमुना नगर में निगम आयुक्त के आदेश की धज्जियां, नहीं रुका अवैध निर्माण, निगम ने दिया अंतिम नोटिस

जनता की पार्किंग के लिए एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ी, नगर निगम लापरवाह और भ्रष्ट, शहर कैसे बनेगा व्यवस्थित

देवास। देवास में भूमाफिया और बिल्डर बेख़ौफ़ काम करते हैं। यमुना नगर में इसी प्रकार से एमओएस की जगह पर बन रहे व्यावसायिक काम्पलेक्स के निर्माण का आयुक्त नरेंद्र सूर्यवंशी ने निरिक्षण कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए थे। लेकिन बेख़ौफ़ बिल्डर अब भी इस पर निर्माण जारी रखे हैं। नगर निगम ने इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए अंतिम नोटिस भी चस्पा कर दिया है अब देखने वाली बात होगी की यह अवैध निर्माण जनहित में नगर निगम हटवा पाएँग या नहीं।

शिकायतकर्ता शिव पांचाल ने प्रेस नोट जारी कर बताया की विगत माह में निगम आयुक्त नरेन्द्र सूर्यवंशी ने अपने अधीनस्थ अमले के साथ यमुना नगर में एमओएस की जगह पर बन रहे व्यावसायिक काम्पलेक्स के निर्माण का निरीक्षण किया था। जिसके नियम के विरूद्ध हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए अंतिम सूचना पत्र देने के बाद भी निगम अधिकारियों एवं सत्ताधारियों की सांठ गांठ के चलते यमुना नगर में अवैध निर्माण कार्य चल रहा है। प्रभावी बिल्डरों द्वारा निगम अधिकारियों को भारी मात्रा में रिश्वत देकर नक्शा पास करवा लेना आम बात है। शहर की एबी रोड पर 20 से 25 ऐसे मार्केटों का निर्माण हो चुका है जिसमें निगम प्रशासन की काली करतूतें दिखाई देती हैं। शिकायत होने पर निगम अधिकारियों को नोटिस देकर महज औपचारिकता तो पूर्ण कर लेते है फिर उसी शिकायत को ठन्डे बस्ते में डालकर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।

इसी तर्ज पर यमुना नगर के भूखण्ड क्र. 29 व 34 पैकी पर एमओएस पर बन रहे मार्केट व्यासायिक काम्पलेक्स का काम रूकने के बजाय उसका निर्माण तेजी से होता दिखाई दे रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि प्रभावी बिल्डर ने निगम को अपने वश में कर रखा है। यमुना नगर में बन रही मल्टीयों के आगे न तो रोड बनाई गई है न ही पार्किंग के लिए जगह छोडी गर्ई हैं। इन दोनों मल्टियों के सामने रोड निर्माण के लिए नगर निगम द्वारा 57 लाख का टेण्डर जारी कर बिल्डरों को लाभ दिए जाने की कोशिश की गई है। अवैध रूप से निर्मित होने वाली इन मल्टियों के आगे रोड एवं पार्किंग नहीं होने के बाद जिन 50 लोगों को दुकानें बेची जाना है उनके वाहन कहां खड़े होंगे। जबकि निर्माणाधीन मल्टियों के नीचे पार्किंग भी नहीं बनाई गई है।

शिकायत 29 और 34 नम्बर के प्लाट की लेकिन नोटिस एक को ही दिया

मामले में यह बात भी सामने आ रही है की यमुना नगर के दो भूखंडों 29 और 34 पर अवैध निर्माण हो रहा है लेकिन नगर निगम ने एक ही प्लाट 34 पर निर्माण को लेकिन नोटिस जारी किया है। दूसरी अवैध बिल्डिंग क्यों छोड़ी जा रही है चर्चा है की पर लेनदेंन कर मामले को रफा दफा करने की साजिश की जा रही है।

एमओएस पर जारी निर्माण
निर्माण करना था 575 वर्ग मीटर लेकिन 1313 वर्ग मीटर पर निर्माण किया गया, यानि कुल 935 वर्ग मीटर अवैध निर्माण किया गया
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