जिला न्यायालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

देवास। जिला न्यायालय देवास में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। न्यायालय परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में शासकीय विधि महाविद्यालय देवास के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय श्री डी.के पालीवाल ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में यदि विधिक साक्षरता ज्यादा स्तर पर की जाएगी तो कोर्ट में आने वाले मुकदमों की संख्या निश्चित रूप से कम होगी, लोग अपना समय, धन एवं ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगा सकेंगे, समय की मांग यह है कि न्यायालयों में स्टाफ की बहुत कमी है और मुकदमे वर्षों तक पेंडिंग पड़े रहते हैं। आज जरूरत इस बात की है कि विधिक साक्षरता गांव-गांव तक पहुंचे और इस कार्य में विधि के विद्यार्थी बहुत हद तक मदद कर सकते हैं । उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि इस पुनीत कार्य से जुड़कर जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समाजहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी प्रचार-प्रसार करें – साथ ही लोगों को भी विधि को लेकर शिक्षित करें।
जिला न्यायाधीश श्री पालीवाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि भारतीय संविधान जितना लचीला है उतना ही दृढ़ भी है संविधान में समय समय पर आवश्यकता अनुसार संशोधन हुए हैं परंतु इसकी आत्मा को बदलना बहुत मुश्किल है खास करके नागरिकों को जो मूल अधिकार और कर्तव्य दिए गए हैं वे दुनिया में अपने आप में अनूठे हैं । श्री पालीवाल ने कहा कि न्यायपालिका देश के आजादी के समय से ही सशक्त एवं निष्पक्ष रही है और आज कितना भी कोई इसे राजनीति या किसी अन्य दबाव के तहत काम करने की बात करें परंतु न्यायालयों में काम करने वाले न्यायाधीश एक विशेष तरह के फाइबर से बने होते हैं और उनकी बनावट को बदलना बहुत मुश्किल है। उन्होंने अपने न्यायालयीन सेवाओं के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इन वर्षों में ना किसी तरह का दबाव सहा है और ना दबाव में आकर कोई निर्णय दिए हैं। न्यायाधीश श्री पालीवाल ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके पूर्व माननीय श्री समरोज खान, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एवं सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय देवास ने सभी का स्वागत करते हुए जिला विधिक सेवा अधिकरण के काम और कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यार्थियों ने कोर्ट परिसर का अवलोकन किया और न्यायाधीश माननीय श्री गंगा चरण दुबे से औपचारिक भेंट की और कानूनी बारीकियों को समझा। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. अजय कुमार चैहान ने कहा कि ऐसे शिविरों से विधि के विद्यार्थियों का समाज के प्रति लगाव व विधि की शिक्षा का विकास होता है। इस कार्यक्रम में विधि महाविद्यालय देवास की ओर से किशोर चौधरी , आशीष पटेल, विद्यार्थियों में राकेश नागर, संदीप नाईक, रजनी पांचाल, मनाली पाटीदार, शिखा योगी, शाहरुख पठान, दिग्विजय सिंह, पारस सोनी सहित महाविद्यालय के छात्र/छात्राऐं उपस्थित थे।

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