मलाईदार पोस्टिंग के लिए दो फारेस्ट रेंजर आमने सामने, पुराने रेंजर ने कार्यालय पर जड़ा ताला

माता टेकरी रोड स्थित कार्यालय के बाहर खड़े रहा स्टाफ, मामला दो रेंज अधिकारियों की एक ही स्थान पर पदस्थापना का, पंचनामा बनाया

देवास। देवास के फारेस्ट रेंज में एक साथ दो रेंजर की पद स्थापना हो गई। इसी को लेकर बुधवार को रेंज अधिकारी जयवीरसिंह ऑफिस में ताला लगा कर चले गए। स्टाफ बाहर खड़ा रहा। असल में देवास का यह कार्यालय मलाईदार माना जाता है। पुराने रेंजर जाना नहीं चाहते और नए अधिकारी कोर्ट से स्टे ले आये और नए रेंजर की पदस्थापना हो गई। अब आला अधिकारी तय करेंगे की काम कौन करेगा।

शहर में मां चामुण्डा टेकरी मार्ग पर स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय पर रेंज अधिकारी जयवीरसिंह ने ताले जड़ दिए। कार्यालयीन समय में ताले लगाने के बाद रेंज अधिकारी तो वहां से रवाना हो गए, लेकिन स्टाफ बाहर खड़ा रहा। इस दौरान वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वहां पहुंचे और कर्मचारियों के साथ इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। मामला दो रेंज अधिकारियों के स्थानांतरण से जुड़ा हुआ है।

दरअसल देवास में पदस्थ रेंज अधिकारी जयवीरसिंह का कार्यकाल पौने 4 वर्ष का होने के कारण विधानसभा चुनाव से पूर्व होशंगाबाद स्थानांतरण हो गया था। वहीं उनके स्थान पर रेंज अधिकारी सुभाष शाकल्य को देवास में पदस्थ किया गया था। उधर चुनाव के बाद रेंज अधिकारी जयवीरसिंह का पुन: देवास में स्थानातरण कर दिया गया। इसको लेकर यहां पदस्थ रेंज अधिकारी सुभाष शाकल्य ने उच्च न्यायालय की शरण ली। समय पूरा नहीं होने का हवाला देते हुए न्यायालय से स्थगन आदेश की मांग की और उन्हें स्थगन आदेश मिल भी गया। इसी को लेकर मामला गर्माया हुआ था और बुधवार सुबह कार्यालय में ताला जड़ने जैसा मामला हो गया। कार्यालय में ताला लगने के बाद स्टाफ बाहर खड़ा था। तभी वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल कुमार तिवारी वहां पहुंचे। श्री तिवारी ने कहा कि दो रेंज अधिकारियों का एक स्थान पर स्थानांतरण को लेकर मामला गर्माया है और यहां रेंज अधिकारी जयवीरसिंह ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। इस बात का पंचनामा भी बनाया गया है, जिस पर सभी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए हैं। श्री तिवारी ने कहा कि डीएफओ छुट्टी पर थे, इसीलिए उनसे चर्चा नहीं हो पाई। एसडीओ व सीसीएफ उज्जैन को जानकारी दे दी गई है। अब इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी, वहीं से होगी। उधर रेंज अधिकारी सुभाष शाकल्य ने एक शिकायत पत्र वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा है, जिसमें जयवीरसिंह पर कार्यालयीन समय में ताला लगाने का आरोप लगाया गया है। अब देखना यह है कि वन विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। वहीं इस संबंध में जब रेंज अधिकारी जयवीरसिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल बंद था।

 

साढ़े 3 घंटे बाद खुला कार्यालय

वन परिक्षेत्र कार्यालय में ताला लगाए जाने के इस घटनाक्रम के बाद जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो करीब साढ़े 3 घंटे बाद दोपहर ढाई बजे अनुविभागीय अधिकारी जीवनसिंह रजक, नायब तहसीलदार, आरआई व दल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर मौका पंचनामा बनाए जाने के बाद ताले तोड़े गए। तब कहीं जाकर इस कार्यालय में कामकाज शुरु हो सका।

सरकार की स्थानांतरण नीति का करते हैं विरोध : तिवारी

उधर इस घटनाक्रम के बाद वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल तिवारी ने बताया कि वे सरकार की स्थानांतरण नीति का विरोध करते हैं। इस तरह की नीति से सभी परेशान हो रहे हैं। तिवारी ने सवाल उठाया कि जब रेंज अधिकारी जयवीरसिंह का स्थानांतरण निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव से पहले कर दिया गया था, तो फिर देवास कार्यालय में रेंज अधिकारी होने के बाद भी पुन: जयवीरसिंह का स्थानांतरण देवास क्यों किया गया। इस तरह की स्थानांतरण नीति से सरकार की मंशा पर भी सवाल उठते हैं। हम ऐसी नीति की घोर आलोचना व विरोध करते हैं।

माता टेकरी मार्ग पर स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय में रेंज अधिकारी द्वारा ताला लगाए जाने की जानकारी हमें मिली है। मैंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। अगली कार्रवाई वहीं से होगी। इस मामले में रेंज अधिकारी शाकल्य को न्यायालय से स्टे मिल गया है। इसकी जानकारी हमें दी गई थी। इस तरह कार्यालय में ताला लगाना गलत है। विभागीय जांच के साथ कार्रवाई होगी।

ए.के. श्रीवास्तव

एसडीओ, वन विभाग

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