विडियो: प्रशासन का आपदा प्रबंधन हुआ फेल, कुएं में गिरने से तीन लोगों की मौत, लाइव रेस्क्यू देखिये

प्रोफेशनल गोताखोर और टीम नहीं बुलाई गई, होमगार्ड को दी जाती है आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग

देवास। सोमवार की शाम पोलाय जागीर के पास एक कार कुएं में जा गिरी। कार में सवार सभी तीन लोग इस दुर्घटना में मारे गए। कार को देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला जा सका। इस घटना में ससुर और दो दामादों की मौत हो गई जो बवाई में पारिवारिक कार्यक्रम से वापस लौट रहे थे। कार ने मोड़ पर नियंत्रण खो दिया और करीब 60 मीटर दूर बने बिना मुंडेर के कुएं में जा समाई। चार कुएं में उल्टी जा कर गिरी जिससे उसमे सवार लोग निकल नहीं सके और उनकी वहीँ डूबने से मौत हो गयी। कार में दरियाव सिंह मालवीय निवासी ग्राम चौबारा धीरा, उनके दामाद आशीष कौशल ग्राम टोंकखुर्द और नवीन मालवीय निवासी पीथमपुर कार में सवार थे। तीनो की मौत हो गई।

प्रशासन ने देर रात तक करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जिसमे रस्सी से कार बाँध कर ऊपर लाई जा रही थी उसी दौरान रस्सी टूट गई और कार से दो लाशें कुँए में गिर गईं। दुबारा प्रयास में कार बहार आई और उससे एक लाश मिली। बाकि दो लाशों को रस्सी से बाँध कर ऊपर लाया गया। इस सब घटनाक्रम में लाशों को नुकसान पहुंचा और लोगों ने रेस्क्यू के तरीके पर सवाल उठाया।

आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग के बाद भी यह स्थिति 

देश में आपदा से निपटने के लिए NDRF और राज्यों में SDRF का गठन किया गया है। यह टीम प्रोफेशनल होती है और आपदा के समय कम समय में एक्शन के लिए जानी जाती है। जिला स्तर पर होमगार्ड्स और पुलिस को भी आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू की ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन इस घटनाक्रम में रेस्क्यू के जो देशी तरीके अपनाए गए उससे लाशों को निकालने में अधिक समय लगा और उन्हें लाशों को नुकसान भी हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के तौर तरीके पर भी आपत्ति ली।

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