17 किसानों का 30 लाख खा कर तीसरा लाइसेंसी व्यापारी भागा, मंडी से किसानों का भरोसा उठा

कृषि उपज मंडी से व्यापारियों द्वारा किसानों की लाखों की उपज खरीद कर भागने का मामला

देवास। सरकारी कृषि उपज मंडी देवास से लगातार व्यापारियों द्वारा किसानों की उपज खरीद कर भागने का सिलसिला जारी है ऐसे में अब किसानों का मंडी से भरोसा उठने लगा है। किसानो की उपज नीलामी में ली जाती है और किसान मंडी समिति की जिम्मेदारी पर अनजान व्यापारी को माल दे देता है और व्यापारी अब किसानो को चुना लगाने लगे हैं।

देवास कृषि उपज मंडी में दो लाइसेंसी व्यापारियों के किसानों को लाखों रुपये की चपत लगाने के बाद अब तीसरा व्यापारी भी किसानों का करीब 30 लाख रूपये बकाया रख भाग गया।

शनिवार को कृषि उपज मंडी के लाइसेंसी व्यापारी हिमेश पिता रविकांत सेठिया की फर्म कंचन ट्रेडर्स के माध्यम से 17 से अधिक किसानों को 30 लाख की चपत लगाकर फरार हो गया है। इससे पहले पिछले एक माह में दो व्यापारी किसानों का लाखोंरुपये लेकर भाग चुके है। जिनका आज तक न तो सुराग लगा है और ना ही उनकी संपत्तियां नीलाम हो सकी है। लिहाजा किसानों को अपनी ही राशि के लिए अब मंडी के चक्कर लगाना पड़ रहे है।

गौरतलब है कि पूर्व में मंडी की लाइसेंसी फर्म विद्या ट्रेडर्स का संचालक दिलीप ठाकुर व सोमेश्वर ट्रेडर्स का संचालक महेश सोनी किसानों के लाखों रुपये लेकर फरार हो चुके है और पीडि़त किसानों द्वारा आए दिन कृषि उपज मंडी में अपनी उपज की राशि लेने के लिए हंगामा, चक्काजाम व नारेबाजी की जा रही है। बावजूद इसके मंडी प्रशासन किसानों का पैसा दिलाने में विफल हो रहा है,  क्योकि मंडी से फरार हुए लाइसेंसी व्यापारियों के पास न तो इतनी संपत्ति है और ना ही उनकी पर्याप्त प्रतिभूति  मंडी प्रशासन के पास है।

17 किसानों का 30 लाख बकाया

इन दो प्रकरणों का निराकरण भी नहीं हुआ था कि शनिवार को एक ओर लाइसेंसी फर्म कंचन ट्रेडर्स का संचालक हिमेश पिता रविकांत सेठिया निवासी ग्राम क्षिप्रा फरार हो गया। मंडी अधिकारियों की माने तो शनिवार की शाम तक 17 किसान रविकांत सेठिया के खिलाफ आवेदन दे चुके है और इन 17 किसानों का करीब 25 से 30 लाख रुपये कंचन ट्रेडर्स के संचालक सेठिया से लेना है, जो पिछले एक सप्ताह से उन्हें टालमटोल कर रहा था और जब शनिवार को ये किसान क्षिप्रा स्थित रविकांत सेठिया के निवास व कार्यालय पर रुपये लेने गए तो दोनों ही जगहों पर ताले लटके मिले। तब सभी 17 किसान मंडी पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

 शिकायत मिलने के बाद मंडी के भारसाधक अधिकारी व एसडीएम जीवनसिंह रजक ने मंडी सचिव अश्विन सिन्हा को कंचन ट्रेडर्स की चल- अचल संपत्ति की जांच करने के निर्देश दिये। इसके बाद मंडी प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए सेठिया के 290 बोरी सोयाबीन, 45  िवंटल गेहूं व 3 लाख रुपये की एफडीआर जप्त करने की कार्यवाही की।

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