भाजपा प्रत्याशी के लिए झंडे बैनर तक नहीं लग पा रहे, खीचतान में नेताओं ने हाथ ऊपर किए

प्रत्याशी और स्थानीय नेताओं में सामंजस्य की कमी से

देवास। नरेद्र मोदी के मुखौटे को लेकर चुनाव में उतरे पूर्व जज महेंद्र सिंह सोलंकी को अपने ही संगठन से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी और स्थानीय नेताओं के बीच अब खींचतान सामने आने लगी है। आष्टा में अमित शाह की सभा फ्लॉप शो साबित होने के बाद कई नेताओं को फटकार मिली थी। अब हालत यह है की प्रत्याशी जनसंपर्क के लिए जाते हैं तो इलाके में झंडे बैनर तक नहीं लग पा रहे हैं। इसकी टीस शनिवार को देवास भाजपा कार्यालय में हुए मंडल अध्यक्ष स्तर की बैठक में सामने आई है। सुनने ने में आया है की स्थानीय नेता खर्च को लेकर कदम पीछे कर रहे हैं।

भाजपा प्रत्याशी के लिए कांग्रेस नहीं बल्कि भाजपा की अन्धरुनी खीचतान मुसीबत बनती जा रही है। सूत्रों के अनुसार शाजापुर के कई स्थानीय नेता भीतरघात के चक्कर में हैं।  यही नहीं देवास के भी कई नेता प्रत्याशी से खर्चों को लेकर भी असहमति रख रहे हैं। पिछले दिनों संसदीय संयोजक और प्रत्याशी के बीच इसी बात पर विवाद भी हुआ था। कुल मिला कर पूर्व जज महेंद्र सिंह सोलंकी के लिए चुनाव अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को तवज्जो

सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सीधे टिकट लेकर आये हैं और गैर राजनितिक बैकग्राउंड होने से स्थानीय नेताओं से सामंजस्य बनाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में अब बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें साधने की प्लानिंग की जा रही है। माना जा रहा है की कुछ नेताओं को भाजपा प्रत्याशी के चुनावी खर्च में दखल में ज्यादा इंटरेस्ट है, ऐसे में अब बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें साधने की प्लानिंग पर काम हो रहा है। माना जा रहा है ऐसे कार्यकर्त्ता संगठन के प्रति ज्यादा वफादार होते हैं और कम से कम खर्च में संगठन के लिए काम करते हैं।

office sale
व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें और पाएं तुरंत खबरJoin Group