देवास जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ऋतुराज सिंह का सख्त आदेश: किरायेदारों, नौकरों और होटल में ठहरने वालों की जानकारी थाने में देना अनिवार्य

देवास, 29 जुलाई 2025: जिले में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋतुराज सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1), (2) के तहत एक सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत मकान मालिकों, दुकान मालिकों, होटल/लॉज संचालकों, ठेकेदारों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को किरायेदारों, नौकरों, कर्मचारियों और ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी संबंधित पुलिस थाने में देना अनिवार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

आदेश की मुख्य विशेषताएं

कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले में चल रही विभिन्न गतिविधियों और अपराधों की समीक्षा के आधार पर यह आदेश जारी किया है। पुलिस अधीक्षक, देवास के प्रतिवेदन के अनुसार, कई गंभीर अपराधों में किरायेदार, नौकर, होटल/धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्ति या अस्थायी कर्मचारी शामिल पाए गए हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. मकान और दुकान मालिकों के लिए:
  1. होटल, लॉज, रैन बसेरा और धर्मशाला:
  1. व्यवसायिक कर्मचारी और ठेकेदार:
  1. निजी छात्रावास:

आदेश का उद्देश्य

कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने बताया कि यह आदेश जिले में जनसामान्य की सुरक्षा, लोक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि कई अपराधों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा किरायेदार, नौकर, या अस्थायी कर्मचारी के रूप में रहकर वारदातें अंजाम दी गई हैं। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना और अपराधियों की पहचान को आसान बनाना है।

आदेश का उल्लंघन और दंड

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

आदेश के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और उपखंड पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की जानकारी जनसामान्य और संबंधित पक्षों तक पहुंचाएं। आदेश को जिला प्रशासन के नोटिस बोर्ड, थानों, और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा ताकि लोग इसके प्रति जागरूक रहें।

क्यों जरूरी है यह आदेश?

पुलिस अधीक्षक, देवास के प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में गंभीर अपराधों की समीक्षा से यह स्पष्ट हुआ है कि कई बार अपराधी किरायेदार, नौकर, या अस्थायी कर्मचारी के रूप में रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे में उनकी पहचान और चरित्र सत्यापन अनिवार्य करना अपराधों पर नियंत्रण के लिए जरूरी है। यह आदेश न केवल अपराधों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि जिले में सामान्य जनजीवन और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा।

जनसामान्य से अपील

कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जनसामान्य, मकान मालिकों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, और होटल संचालकों से अपील की है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि यह कदम जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है और इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।


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