देवास। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को देवास में जिला स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिला शहर अध्यक्ष प्रयास गौतम और जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी के नेतृत्व में हुई इस पत्रकार वार्ता में राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस ने क्या कहा?
जिला शहर अध्यक्ष प्रयास गौतम ने कहा कि जिस निजी परिवाद का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं, बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A और फॉर्म 26 का उद्देश्य केवल उन आपराधिक मामलों की जानकारी लेना है जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्रवाई चल रही हो।
कानूनी व्याख्या पर उठाए सवाल
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि नामांकन निरस्त करने का आधार इन कानूनी प्रावधानों की भावना और व्याख्या से मेल नहीं खाता।
उन्होंने चेताया कि यदि ऐसे अस्पष्ट आधारों पर नामांकन रद्द किए जाने लगे, तो भविष्य में किसी भी उम्मीदवार के साथ मनमाने तरीके से यही किया जा सकता है। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा है।
लोकतंत्र के मूल्यों की दुहाई
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र केवल मतदान की प्रक्रिया नहीं है। इसका अर्थ है — सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर, निष्पक्ष व्यवहार और कानून के समक्ष समान संरक्षण मिलना।
पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को साफ छवि और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता बताते हुए उनका चुनावी प्रक्रिया से बाहर होना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध करार दिया।
कौन-कौन थे मौजूद?
प्रेस वार्ता में जाहिद पठान, रोशन रायकवार, प्रवक्ता हारिस गजधर, सुजीत सांगते, मनोज सांगते, रूपेश कल्याणे, आरिफ मेव, धीरज कल्याणे, शाहजी हाशमी, जहीर शेख, कमलेश गुप्ता, अविनाश जेठवा सहित अनेक कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।
वर्तमान स्थिति
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त हो चुका है। कांग्रेस ने इस मामले को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए इसके विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प लिया है। आगे की कानूनी या राजनीतिक कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
रिपोर्ट: Dewas Live | देवास की हर खबर, सबसे पहले
