देवास। नगर निगम उपायुक्त जाकिर जाफरी ने सोमवार को शहर में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय रसोई केंद्रों और आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन रसोई केंद्रों – साईं मंदिर के सामने, बावड़िया और इटावा बस स्टैंड पर स्वच्छता में लापरवाही पाई गई। उपायुक्त ने श्रेया एजुकेशनल एंड वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन भोपाल और जय मां गौरी एस.एच.जी. सांची जिला रायसेन को कारण बताओ नोटिस जारी किए और रसोई में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जाफरी ने चलित रसोई वाहन में गंदगी देखकर उसे तुरंत साफ करवाया और साफ-सुथरी जगह पर वाहन खड़ा करने की हिदायत दी। उन्होंने हितग्राहियों से भोजन की गुणवत्ता और स्वाद के बारे में चर्चा की और रोटी-सब्जी की क्वालिटी को खुद परखा।





आश्रय स्थलों में सुरक्षा पर जोर
उपायुक्त ने उज्जैन रोड स्थित साईं मंदिर के सामने, इटावा बस स्टैंड और भोलेनाथ मंदिर के पास बने आश्रय स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, सफाई और बिजली व्यवस्था को देखा और निर्देश दिया कि वहां ठहरने वाले हर व्यक्ति का आधार नंबर पंजी में दर्ज किया जाए और उसकी फोटो कॉपी भी रखी जाए।
महिलाओं के ठहरने वाले कक्षों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए जाफरी ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही शीतकाल की तैयारी के लिए इलेक्ट्रिक गीजर दुरुस्त करने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने हेतु विद्युत विभाग के उपयंत्री जीवन रावत को निर्देश दिए।
उपायुक्त ने साफ कहा कि आश्रय स्थलों की नियमित देखरेख हो और कर्मचारियों को साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से विभाग में प्रस्तुत करनी होगी। निरीक्षण के दौरान विशाल जगताप, सुनील जोशी और आश्रय स्थलों के केयरटेकर भी मौजूद रहे।