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देवास जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत: एक दिन में 876 केस निपटे, 12 करोड़ से ज्यादा राशि का अवार्ड

देवास जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण हुआ। कुल 876 लंबित और 470 प्रिलिटिगेशन मामलों का समाधान किया गया, जिसमें 12.63 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड पारित किए गए।

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देवास, 14 मार्च। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायालय देवास में शनिवार को इस वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय प्रकाश मिश्र के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में 876 लंबित प्रकरणों और 470 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ विशेष न्यायाधीश और लोक अदालत प्रभारी विकास शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निराकरण कराने से पक्षकारों का समय और धन दोनों की बचत होती है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से भी अधिक से अधिक मामलों में समझौता कराकर निराकरण कराने की अपील की।

परिवार न्यायालय ने बनाया रिकॉर्ड

कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश जितेंद्र कुशवाह ने कहा कि लोक अदालत न्याय प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। इस दौरान परिवार न्यायालय देवास ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही बैठक में 68 प्रकरणों का निराकरण किया, जो परिवार न्यायालय के इतिहास में किसी एक लोक अदालत में सर्वाधिक मामलों के निराकरण का रिकॉर्ड है।

पारिवारिक विवादों का समाधान संवेदनशील और जटिल प्रक्रिया माना जाता है। ऐसे में एक ही दिन में 68 परिवारों के मामलों का समाधान होना न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता का उदाहरण माना जा रहा है।

जिले में 34 न्यायिक खंडपीठों का गठन

नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक, विद्युत अधिनियम, एनआई एक्ट (चेक बाउंस), श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा, बीएसएनएल सहित अन्य मामलों के निराकरण के लिए देवास जिला मुख्यालय सहित सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द और बागली में कुल 34 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया था।

विशेष न्यायाधीश विकास शर्मा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने विभिन्न विभागों के स्टॉल और खंडपीठों का निरीक्षण कर अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों के निराकरण के लिए प्रेरित किया। समझौता करने वाले पक्षकारों को स्मृति स्वरूप फलदार और फूलों के पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

करोड़ों रुपये के अवार्ड, हजारों लोग लाभांवित

नेशनल लोक अदालत में जिलेभर में गठित 34 खंडपीठों के माध्यम से 876 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें

  • 264 आपराधिक प्रकरण
  • 58 मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
  • 171 चेक बाउंस मामले
  • 55 पारिवारिक विवाद
  • 156 विद्युत प्रकरण
  • 11 श्रम प्रकरण
  • 130 विविध मामले
  • 26 सिविल प्रकरण शामिल हैं।

इन मामलों में कुल 12 करोड़ 63 लाख 40 हजार 174 रुपये के अवार्ड पारित किए गए, जिससे 2086 लोग लाभांवित हुए

मोटर दुर्घटना के 58 क्लेम प्रकरणों में 6 करोड़ 63 लाख 77 हजार रुपये की राशि आपसी समझौते के आधार पर पारित की गई। वहीं 171 चेक बाउंस मामलों में 4 करोड़ 31 लाख 38 हजार 753 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ और 26 सिविल मामलों में 39 लाख 57 हजार 228 रुपये का निराकरण किया गया।

इसके अलावा 470 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का भी समाधान किया गया, जिनमें 69 लाख 24 हजार 107 रुपये के अवार्ड पारित हुए और 896 लोगों को लाभ मिला

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

शुभारंभ कार्यक्रम में जिला न्यायालय के विभिन्न न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, नगर निगम और विद्युत कंपनी के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, लोक अभियोजन अधिकारी, अधिवक्ता, पैरालीगल वालेंटियर्स और बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।


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