देवास: औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने सूदखोरी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, स्कूल संचालक बना शिकार

देवास, 26 फरवरी 2025 – औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने सूदखोरी कर मोटे ब्याज की वसूली करने और पीड़ित की संपत्ति पर कब्जा करने की धमकी देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से रजिस्ट्री और चेक बरामद किए गए हैं।

स्कूल संचालक बना शिकार

पीड़िता सुगना शर्मा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत के अनुसार, उनके पुत्र आशीष शर्मा, जो एक स्कूल संचालक हैं, ने कुछ वर्ष पूर्व पंकज पाल नामक व्यक्ति से 20 लाख रुपये उधार लिए थे। वहीं, आवेदिका के पति ने अजय खंडेलवाल से 20 लाख रुपये लिए थे। तय समय पर पूरी राशि लौटाने के बावजूद आरोपी अनावश्यक ब्याज और पेनल्टी जोड़कर अतिरिक्त पैसों की मांग कर रहे थे। इसके लिए वे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

शिकायत के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 183/2025 धारा 3,4 म.प्र ऋणियो संरक्षण अधिनियम 1937 एवं 296, 308(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक दीशेष अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार

टीम ने मुख्य आरोपी पंकज पाल (47 वर्ष, मुक्ती मार्ग, देवास), अजय खंडेलवाल (49 वर्ष, गायत्री विहार, जवाहर नगर, देवास) और घनश्याम चौधरी (44 वर्ष, शांतिपुरा, देवास) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पीड़ित की संपत्ति की रजिस्ट्री और चेक जब्त किए गए हैं।

पुलिस की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया, उपनिरीक्षक विजय सोनी, प्रधान आरक्षक तेजसिंह, आरक्षक नरेंद्र और अरुण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सूदखोरी पर लगेगी रोक?

देवास में सूदखोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अब सख्त कार्रवाई कर रही है। यह मामला उजागर होने के बाद अन्य पीड़ितों को भी आगे आने की हिम्मत मिली है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में कोई भी पीड़ित बेहिचक शिकायत दर्ज करा सकता है, और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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