
देवास (मध्य प्रदेश): राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल ने देवास के प्रसिद्ध शंकरगढ़ नगर वन और जैव विविधता पार्क (Shankargarh Nagar Van and Biodiversity Park) के संरक्षण के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। NGT ने पर्यटन विभाग को आवंटित भूमि पर किसी भी गैर-वन गतिविधि (non-forest activity) को शुरू करने की योजना को रद्द कर दिया है।
न्यायमूर्ति शेओ कुमार सिंह (Judicial Member) और सुधीर कुमार चतुर्वेदी (Expert Member) की पीठ ने 31 अक्टूबर 2025 को सुनाए गए अपने फैसले में, देवास के कलेक्टर द्वारा पहले पर्यटन विभाग को आवंटित 50.292 हेक्टेयर (खसरा संख्या 404, 449, 450/2) भूमि को राजस्व विभाग को वापस करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
🔍 मुख्य घटनाक्रम और फैसला:
- याचिका का उद्देश्य: याचिकाकर्ता समरजीत जाधव (Samarjeet Jadhav) ने यह आवेदन शंकरगढ़ पहाड़ियों पर विकसित लगभग 83 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सिटी फॉरेस्ट और बायोडायवर्सिटी पार्क के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए दायर किया था। इस क्षेत्र को जागरूक नागरिकों, ग्रीन आर्मी टीम और अन्य संगठनों के प्रयासों से विकसित किया गया था, जिसे अब “मानित वन” (Deemed Forest) माना जाता है।
- राज्य सरकार का निर्णय: मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान सूचित किया कि उन्होंने पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित परियोजना को समाप्त करने का सचेत निर्णय लिया है।
- भूमि की वापसी: कलेक्टर, देवास ने 29 सितंबर 2025 को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग को सूचित किया कि आवंटित भूमि को मूल स्थिति यानी राजस्व भूमि (revenue land) में वापस करने का प्रस्ताव है, और इस पर पर्यटन विभाग की सहमति मांगी गई है।
- NGT का निर्देश: अधिकरण ने मध्य प्रदेश राज्य को निर्देशित किया है कि:
- भूमि के उक्त भाग पर वन की स्थिति (status of forest) बनाए रखी जाए और शंकरगढ़ नगर वन में गैर-वन गतिविधि की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- वन विभाग को मौजूदा वनस्पति और जैव विविधता (जिसमें जीव-जंतु भी शामिल हैं) को बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
- राज्य सरकार वन विभाग को स्थानीय मूल की बहुउद्देशीय वृक्ष प्रजातियों के रोपण और उनके रखरखाव के लिए आवश्यक धनराशि प्रदान करेगी।
- सक्षम प्राधिकारी (competent authority) की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी पेड़ क्षतिग्रस्त या काटा नहीं जाना चाहिए।
यह फैसला देवास के औद्योगिक शहर के लिए ‘हरे फेफड़ों’ (green lungs) की तरह काम करने वाले इस महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र की रक्षा के लिए नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी जीत है।