
स्वंय को एसडीएम बताकर डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले दो आरोपी कांटाफोड़ पुलिस की गिरफ्त मेंदिनांक: 04 मार्च 2025, कांटाफोड़ (मध्य प्रदेश)कांटाफोड़ थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को एसडीएम बताकर एक स्थानीय दुकानदार से डरा-धमकाकर अवैध वसूली कर रहे थे। यह घटना ग्राम नयापुरा घाटी में 14 फरवरी 2025 को सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरिता मालवीय और धीरज राठौर के रूप में हुई है, जो ग्राम सुन्द्रेल के निवासी हैं।घटना का विवरणपीड़ित शैतान सिंह, जो नयापुरा घाटी में चिकन की दुकान चलाते हैं, ने थाना कांटाफोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, 14 फरवरी 2025 की शाम करीब 5 बजे उनकी दुकान पर एक कार से सरिता मालवीय और धीरज राठौर पहुंचे। धीरज ने शैतान सिंह से कहा कि उनकी गाड़ी में “एसडीएम मैडम” बैठी हैं और उन पर गाय का मांस बेचने का आरोप लगाया। शैतान सिंह ने स्पष्ट किया कि वे केवल मुर्गे का मांस बेचते हैं और इसके लिए उनके पास वैध लाइसेंस भी है।लाइसेंस दिखाने के बावजूद आरोपियों ने दबाव बनाते हुए कहा कि यह लाइसेंस गाय का मांस बेचने के लिए नहीं है। धीरज ने धमकी दी कि शैतान सिंह को गाय का मांस बेचने के झूठे मामले में फंसाया जाएगा और इसके लिए उनसे 10,000 रुपये की मांग की। शैतान सिंह ने पैसे न होने की बात कही और अपने बेटे अर्जुन से संपर्क करने को कहा। धीरज ने शैतान सिंह के बेटे से भी फोन पर बात की और वही धमकी दोहराई। इसके बाद आरोपियों ने शैतान सिंह की जेब से जबरन 5,000 रुपये निकाल लिए और उन्हें पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर फरार हो गए।पुलिस की कार्रवाईशैतान सिंह की शिकायत पर थाना कांटाफोड़ में 19 फरवरी 2025 को मामला दर्ज किया गया। अपराध क्रमांक 50/2025 के तहत धारा 119(1), 351(3) बीएनएस और 3(2)(va) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात/ग्रामीण) हरनारायण बाथम के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बागली श्रृष्टि भार्गव के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी कांटाफोड़ सुरेखा निम्बोदा के नेतृत्व में इस टीम ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। मुखबिर की सूचना के आधार पर 04 मार्च 2025 को दोनों आरोपियों—सरिता मालवीय और धीरज राठौर—को ग्राम सुन्द्रेल से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।पुलिस टीम की सराहनाइस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेखा निम्बोदा, उपनिरीक्षक अजय डोड, सहायक उपनिरीक्षक सुबेदार सिंह यादव, आरक्षक संजय, महिला आरक्षक रेखा बड़ोले और सैनिक अर्जुन देवड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।निष्कर्षयह घटना समाज में भय और अवैध वसूली की गंभीर समस्या को उजागर करती है। कांटाफोड़ पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय मिला, बल्कि ऐसे अपराधियों को सख्त संदेश भी दिया गया। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी घटना की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।