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मध्यप्रदेश: देवास में अवैध NOC से स्क्रैप वाहनों का पंजीकरण कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 7 करोड़ की 24 बसें जब्त

देवास पुलिस ने अन्तर्राज्यीय वाहन माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया। राजस्थान के चार आरोपी गिरफ्तार, 7 करोड़ की 24 बसें, एक कार और उपकरण जब्त। गिरोह अवैध एनओसी बनवाकर स्क्रैब वाहनों का पंजीकरण करा रहा था।

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देवास (मध्यप्रदेश), 18 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो अन्य राज्यों से अवैध नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) बनवाकर स्क्रैप श्रेणी के पुराने वाहनों का मध्यप्रदेश में पुनः पंजीकरण करा रहा था। राजस्थान के चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने हाई-टेक उपकरणों सहित करीब 7 करोड़ रुपये कीमत की 24 पुरानी बसें जब्त की हैं। यह कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन और वाहन धोखाधड़ी के खिलाफ देवास पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।

घटना का विवरण: सिंगाजी मंदिर के पास छापेमारी

8 सितंबर 2025 को रात करीब 7:45 बजे थाना बरोठा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सिरोल्या, सिंगाजी मंदिर के पास दो अज्ञात व्यक्ति एक बस के चेसिस और इंजन नंबर के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) एच.एन. बाथम के मार्गदर्शन, उप पुलिस अधीक्षक (एल-आर) संजय शर्मा के निर्देशन और थाना प्रभारी बरोठा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर घेराबंदी की।

छापेमारी में दो आरोपी पकड़े गए:

  1. सद्दाम हुसैन (पिता: औरंगजेब मिर्जा, उम्र: 35 वर्ष, निवासी: ए-1 होटल के पास, जंगी चेक, गांधी नगर कॉलोनी, थाना प्रताप नगर, भीलवाड़ा, राजस्थान)।
  2. असरफ (पिता: ईशाक कुरैशी, उम्र: 35 वर्ष, निवासी: वही)।

इनके कब्जे से बस सहित पिन डॉट मशीन, कंप्रेसर, ब्राइडल कंट्रोलर जैसे उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले हैं और चित्तौड़गढ़ के राकेश गांधी के इशारे पर काम करते हैं। राकेश गांधी इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो अन्य राज्यों से अवैध NOC बनवाकर स्क्रैप वाहनों का मध्यप्रदेश में पुनः पंजीकरण कराता है।

आरोपियों ने गिरोह के अन्य दो सदस्यों—समीर उर्फ संजय (पिता: वहीद बेग, उम्र: 36 वर्ष, निवासी: वार्ड नंबर 34, भवानी नगर, भीलवाड़ा) और इसराज (पिता: इस्माईल मोहम्मद, उम्र: 49 वर्ष, निवासी: वही)—के बारे में भी बताया।

मामला दर्ज, 24 बसें जब्त

थाना बरोठा में अपराध क्रमांक 383/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 341(1), 341(2) में मामला दर्ज किया गया। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 24 बसें जब्त की गईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन बसों की NOC ज्यादातर अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से अवैध रूप से प्राप्त की गई थीं। कुछ बसों के चेसिस नंबर कटे हुए थे, जबकि कुछ के इंजन नंबर गायब थे।

जब्त सामग्री: हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल

पुलिस ने एक हुंडई i10 कार (वाहन क्रमांक: RJ51CA2696) सहित कई उपकरण जब्त किए, जिनमें शामिल हैं:

पिन डॉट मशी,कंप्रेसर पाइप, कंट्रोलर (AMA), एडाप्टर

लेनोवो लैपटॉप, ग्राइंडर, एक्सटेंशन बोर्ड,कुल 24 बसों सहित 7 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बरोठा निरीक्षक अजय गुर्जर, उनि मलखान सिंह भाटी, मयंक वर्मा, हर्ष चौधरी, सउनि हरीष कुमार, ईश्वर मंडलोई, विनय तिवारी, गोरी शंकर, प्रआर 386 जितेंद्र गोस्वामी, 615 प्रदीप शर्मा, 145 तेजसिंह, 792 सचिन पाल, 865 दयाराम, नंदराम, धर्मेंद्र जाधव, आर 262 विजेंद्र, 314 जगदीश, 610 पीयूष पटेल, 1045 विकास, 1065 अजय पाल, 1069 आशीष, 119 सूरज राठौर, 132 अरुण परमार, 437 पवन, 1040 अक्षय कौशल, 449 अतुल वर्मा और सायबर सेल से प्रआर 802 सचिन चौहान, 770 शिवप्रताप सिंह सेंगर, आर 1079 मोनू राणावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सड़क सुरक्षा और पर्यावरण नियमों पर असर

यह गिरोह स्क्रैप वाहनों को अवैध रूप से पुनः पंजीकृत कर सड़क सुरक्षा और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहा था। पुलिस अब राकेश गांधी और अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में है। देवास पुलिस ने जनता से अपील की है कि पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री में सतर्कता बरतें और दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित करें।

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