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महिला की मौत के बाद कार्यवाही, श्यामा डायग्नोस्टिक सेंटर और अपंजीकृत क्लीनिक को सील किया

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देवास लाइव। देवास के श्यामा डायग्नोस्टिक सेंटर पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शिवेन्द्र मिश्रा ने जानकारी दी कि 28 रजाक टावर, स्टेशन रोड, देवास स्थित श्यामा डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉ. परवीन खान द्वारा अपंजीकृत रूप से चिकित्सा व्यवसाय करते हुए मेडिकल स्टोर के अंदर अवैधानिक रूप से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था।

घटना का सिलसिला 3 जून 2024 को शुरू हुआ, जब श्रीमती रुखसार पति शाकिर मोहम्मद की डी.एन.सी. की गई। इसके बाद कॉम्पलीकेशन होने से श्रीमती रुखसार की 4 जून 2024 को जिला चिकित्सालय में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, सीएमएचओ कार्यालय ने जांच दल का गठन किया जिसमें जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेन्द्र गुजराती, डॉ. अमरीन शेख, और डीपीएचएनओ श्रीमती सुनीता सक्सेना शामिल थे। 6 जून 2024 को दोपहर 1 बजे क्लीनिक का निरीक्षण किया गया और उसे बंद पाया गया।

जांच के दौरान, डॉ. परवीन खान के नाम का बोर्ड पाया गया, जो स्वयं को स्त्री रोग एवं चर्मरोग विशेषज्ञ घोषित कर रही थीं। संपर्क करने पर डॉ. परवीन खान से दुरभाष पर भी संपर्क नहीं हो सका।

मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971, म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपचार अधिनियम 1973 एवं संशोधित नियम 2021 के उल्लंघन के चलते श्यामा डायग्नोस्टिक सेंटर को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और नोटिस चस्पा किया गया। नोटिस में निर्देश दिया गया कि क्लीनिक/मेडिकल स्टोर का संचालन तुरंत बंद किया जाए और सभी संबंधित दस्तावेज़ जांच दल के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।

डाॅ. मिश्रा ने कहा कि जांच पूरी होने तक क्लीनिक/मेडिकल स्टोर को यथास्थिति में रखा जाए और किसी भी प्रकार की हेरफेर न की जाए। अन्यथा, पुलिस प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

सावधानी बरतें: झोलाछाप डॉक्टरों से बचें

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि झोलाछाप डॉक्टरों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। अपंजीकृत और अवैधानिक रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वाले डॉक्टरों से सावधान रहें। अपने और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए केवल पंजीकृत और प्रमाणित चिकित्सकों से ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्यवाही से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

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