देवास

वीडियो: लैंड पूलिंग योजना के माध्यम से देवास को इंदौर जैसा विकसित करेंगे-कलेक्टर शुक्ला

  • मप्र शासन की लैंड पूलिंग योजना को लेकर कार्यशाला आयोजित
  • किसान, उद्योग जगत, भू-स्वामी बनेंगे विकास में सहभागी- विधायक श्रीमती पवार

देवास लाइव। मप्र शासन की लैंड पूलिंग योजनाओं को लेकर देवास विकास प्राधिकरण द्वारा कार्यशाला आयोजन होटल रामाश्रय में विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार के मुख्यआ आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर एवं विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री चंद्रमौली शुक्ला, विकास प्राधिकरण सीईओ एवं नगर निगम आयुक्त श्री विशाल सिंह चौहान, योजना विशेषज्ञ आर्किटेक्ट श्री जितेंद्र मेहता, एमपीआईडीसी के अधीक्षण यंत्री श्री आशुतोष कानूनगो विशेष रूप से उपस्थित थे।

कार्यशाला में विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि मप्र शासन द्वारा प्राधिकरण की योजनाओं के क्रियान्वयन से देवास भी विकास की दिशा में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सकेगा। शहर एवं आसपास के किसान, उद्योग जगत एवं भू-स्वामी शासन की लैंड पूलिंग योजना को लेकर अधिक से अधिक आर्थिक प्राप्त कर सकें। इस उद्देश्य से पूर्व के प्रचलित नियमों में संशोधन करते हुए नए नियमों का प्रकाशन किया गया है। विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने कहा कि देवास औद्योगिक क्षेत्र जो किसी समय बिजली, पानी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर में कमी के चलते समस्या ग्रस्त था। वर्तमान में यह समस्या नहीं है। प्रशासन अपनी जनहित योजनाएं तैयार करे, सरकार उनके साथ है। लैंड पूलिंग योजना किसान, कॉलोनाइजर एवं उद्योगपतियों के लिए भी विकास की सौगात है।
कार्यशाला में कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला ने अपने अनुभव साझा करते हुए इंदौर की सफल योजनाओं में इंदौर विकास प्राधिकरण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विश्वास व्यक्त किया कि लैंड पूलिंग योजना के माध्यम से देवास भी उसी तर्ज पर विकसित हो सकता है। आपके मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार को आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत जानकारी भी दी। किसानों की भूमि इस योजना के आधार पर कई गुना आर्थिक लाभ दे सकती है। इसे उदाहरण देकर स्पष्ट किया। देवास जिले की समस्तथ भूमि को लेकर बनाए गए नक्शे के आधार पर लैंड पूलिंग योजना को उपस्थित जनों को सरल विधि समझाया।
कार्यशाला में उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं के आधार पर प्रश्नों के जवाब दिए गए। बताया गया कि किसान या भूमि स्वामी की जितनी भूमि प्राधिकरण की योजना में समाविष्ट होगी जिसमें 50 प्रतिशत भूमि किसान को विकसित भूखंड के रूप में दी जावेगी तथा 20 प्रतिशत भूमि प्राधिकरण विकसित करेगा और उसे विक्रय करेगा। इस राशि से विकास कार्यों सड़क, ड्रेनेज, पानी, बिजली सहित अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। अर्थात भू-स्वामी को उसकी कुल भूमि में से अधिकतम आधी भूमि विकसित भूखंड के रूप में वापस प्राप्त होगी। सुनियोजित भूमि विकसित होने से भूमि की दरों में वृद्धि होगी, जिसका लाभ भू स्वामियों व किसानों को मिलेगा ही शहर भी विकसित व सुंदर होगा।
योजना विशेषज्ञ आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने योजना के तकनीकी पहलुओं को सामान्य भाषा में पावर पाइंट प्रेजेनटेशन के माध्यम से सरलीकृतकर प्रस्तुत किया एवं लोगों के सवालों के जवाब दिये। एमपीआईडीसी के अधीक्षण यंत्री श्री आशुतोष कानूनगो ने अपने प्रस्तुतिकरण में शासन की औद्योगिक क्षेत्र की जमीनों को लेकर बनाई गई योजनांतर्गत इंदौर में विकसित सुपर कॉरिडोर एवं औद्योगिक क्षेत्रों में की गई टाउन प्लानिंग को विस्तार से देवास की जनता के सामने रखते हुए इस तरह की संभावनाओं से देवास के औद्योगिक क्षेत्र को भी भरपूर बतलाया। उन्होंने बताया कि शासन की वर्तमान योजनाएं देवास औद्योगिक जगत के लिए कारगर साबित हो सकती है। जिसके चलते भूमि मालिकों के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त एवं देवास विकास प्राधिकरण सीईओ विशालसिंह चौहान ने विशेषज्ञों के प्रस्तुतिकरण के आधार पर अपने उद्बोधन में कहा कि विधायक श्रीमती पवार एवं कलेक्टर श्री शुक्ला के मार्गदर्शन में वे देवास के सुनियोजित विकास हेतु शासन की लैंड पूलिंग सहित औद्योगिक क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं। देवास विकास प्राधिकरण इस दिशा में योजना से संबंधित किसानों, औद्योगिक जगत एवं भू-स्वामियों से निरंतर बातचीत कर आमजन तक भी लैंड पूलिंग योजनाओं की जानकारी पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर शासन की स्ट्रीट वेंडर्स योजना के अतंर्गत पथ-विक्रेताओं को प्रतिकात्मक रूप से 03 हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपए के वर्किंग केपिटल के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन श्री अरविंद त्रिवेदी ने किया एवं अंत आभार नगर निगम आयुक्त श्री विशालसिंह चौहान ने माना।

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