
ठेका मिलने के करीब चार महीने बाद कार्रवाई; नगर निगम को शेष काम जल्द पूरा कराने और अनुबंध के अनुसार दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश
देवास। शहर में अमृत 2.0 के तहत करीब 55.92 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना का ठेका लेने वाली मेसर्स दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कंपनी पर परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं करने, स्वीकृत कार्ययोजना से पीछे रहने और अनुबंध की जिम्मेदारियों के पालन में लापरवाही बरतने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
भोपाल में राज्यस्तरीय समीक्षा के बाद फैसला
यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम ने नहीं, बल्कि भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में हुई राज्यस्तरीय समीक्षा के बाद की है। 13 अगस्त 2026 को आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया।
ठेकेदारों को पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस, उनके जवाब और नगरीय निकायों की रिपोर्ट की जांच के बाद पांच निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया। इनमें देवास नगर निगम की अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना वाली कंपनी भी शामिल है।
55.92 करोड़ रुपये में मिला था ठेका
उपलब्ध टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार देवास की सीवरेज परियोजना का ठेका दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को 55.92 करोड़ रुपये में दिया गया था। ठेका 10 अप्रैल 2026 को अवार्ड हुआ था और काम पूरा करने की निर्धारित तारीख 9 अप्रैल 2028 बताई गई है। इस हिसाब से ठेका मिलने के करीब चार महीने बाद ही कंपनी ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के दायरे में आ गई।
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 57.79 करोड़ रुपये रखी गई थी। वर्ष 2024 में निकाला गया इसका शुरुआती टेंडर निरस्त हो गया था। इसके बाद अलग-अलग चरणों में निविदा प्रक्रिया दोबारा की गई और आखिरकार कंपनी को काम सौंपा गया।
देवास में क्या-क्या काम होना है?
अमृत 2.0 की इस परियोजना में देवास नगर निगम क्षेत्र का सर्वे, मिट्टी की जांच, डिजाइन तैयार करना और सीवरेज नेटवर्क का निर्माण शामिल है। परियोजना के प्रमुख काम इस प्रकार हैं:
- शहर में सीवरेज पाइपलाइन बिछाना।
- मैनहोल और दूसरी सीवर संरचनाओं का निर्माण करना।
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाना।
- घरों को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए चैंबर और कनेक्शन देना।
- ट्रीटमेंट प्लांट के लिए हाईटेंशन बिजली लाइन और सब-स्टेशन बनाना।
- उपचारित सीवेज के दोबारा उपयोग की व्यवस्था तैयार करना।
- निर्माण पूरा होने के बाद दस वर्ष तक योजना का संचालन और रखरखाव करना।
टेंडर दस्तावेज में परियोजना के निर्माण के लिए 24 महीने का समय रखा गया था।
ब्लैकलिस्ट होने के बाद क्या होगा?
ब्लैकलिस्ट रहने की अवधि में कंपनी की नई निविदा, प्रस्ताव या बोली नगरीय प्रशासन विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकाय स्वीकार नहीं करेंगे। विभाग ने देवास नगर निगम को अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी के खिलाफ जरूरी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
नगर निगम को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परियोजना का बचा हुआ काम बंद न हो और उसे नियमानुसार जल्द पूरा कराया जाए। हालांकि विभाग की ओर से जारी जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि देवास परियोजना की वर्तमान भौतिक प्रगति कितनी है, कंपनी को कितने समय के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है और शेष काम इसी कंपनी से कराया जाएगा या किसी दूसरी एजेंसी को दिया जाएगा।
देवास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है परियोजना?
यह परियोजना सीधे शहर की सीवरेज व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। काम में देरी होने पर सड़क खुदाई, अधूरे सीवर कनेक्शन, गंदे पानी की निकासी और खोदी गई सड़कों की मरम्मत जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। अब नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती शेष काम को बिना अतिरिक्त देरी के पूरा कराने और शहरवासियों को परियोजना का लाभ दिलाने की है।
ब्लैकलिस्ट की गई कंपनी का इस कार्रवाई पर अलग से पक्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि विभाग ने बताया है कि फैसला लेने से पहले बैठक में संबंधित कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था।
कार्रवाई के दायरे में आईं पांच कंपनियां
- भोपाल अमृत 2.0 सीवरेज पैकेज-2: मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड।
- भोपाल अमृत 2.0 सीवरेज पैकेज-3: मेसर्स एल.सी. इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड।
- देवास अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना: मेसर्स दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड।
- सतना अमृत 1.0 सीवरेज पैकेज-2: मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड।
- पीथमपुर अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना: मेसर्स आर. एंड बी. इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड।
मुख्य तथ्य
- परियोजना: देवास शहर की अमृत 2.0 सीवरेज योजना
- ठेकेदार कंपनी: दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
- अनुमानित लागत: लगभग 57.79 करोड़ रुपये
- ठेका राशि: लगभग 55.92 करोड़ रुपये
- ठेका अवार्ड होने की तारीख: 10 अप्रैल 2026
- निर्धारित पूर्णता तारीख: 9 अप्रैल 2028
- ब्लैकलिस्टिंग का निर्णय: 13 अगस्त 2026


