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देवास के चंदाना-बिंजाना में मौतों की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल गठित, 15 दिन में देगा रिपोर्ट

अपर कलेक्टर उज्जैन प्रथम कौशिक करेंगे अध्यक्षता; जीतू पटवारी ने जहरीली शराब से 22 मौतों और 40 लोगों की आंखों की रोशनी जाने का किया था दावा

देवास। शहर के समीप ग्राम चंदाना और बिंजाना में हुई मौतों के मामले में उज्जैन संभागायुक्त ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय संयुक्त जांच दल गठित किया है। अपर कलेक्टर उज्जैन प्रथम कौशिक की अध्यक्षता में गठित यह दल मृत्यु के कारणों, परिस्थितियों और प्रकरण से जुड़े तकनीकी तथा प्रशासनिक तथ्यों की विस्तृत जांच करेगा। दल को 15 दिन में तथ्यात्मक प्रतिवेदन संभागायुक्त को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चंदाना पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने जहरीली शराब से मौतें होने का दावा करते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। अब संयुक्त जांच दल को मौतों के कारणों और संबंधित परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन, पुलिस, आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल

जारी प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच दल में चार विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। दल में निम्न अधिकारी रहेंगे—

  1. प्रथम कौशिक, अपर कलेक्टर उज्जैन—अध्यक्ष।
  2. रामसनेही मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, गरोठ, जिला मंदसौर—सदस्य।
  3. लेखराज मीणा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सैलाना, जिला रतलाम—सदस्य।
  4. हर्षवर्धन राय, उप आबकारी आयुक्त, संभागीय उड़नदस्ता, उज्जैन—सदस्य।
  5. डॉ. दीपक कुमार पिप्पल, क्षेत्रीय संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उज्जैन—सदस्य।

दल चंदाना और बिंजाना प्रकरण से जुड़े तथ्यों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। जांच के दायरे में मृत्यु के कारणों के साथ उन परिस्थितियों और प्रशासनिक पहलुओं को भी रखा गया है, जिनका संबंध इन घटनाओं से है।

जीतू पटवारी ने किया था 22 मौतों और 40 लोगों की रोशनी जाने का दावा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने चंदाना में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान पटवारी ने दावा किया था कि चंदाना और आसपास जहरीली शराब से 22 लोगों की मौत हुई है तथा 40 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है।

पटवारी ने प्रशासन पर मौतों को छुपाने और जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि शराब पीने वालों की ही मौत क्यों हुई। साथ ही कलेक्टर को तत्काल निलंबित करने की मांग की थी। सागर और मुरैना की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार पर पिछली घटनाओं से सबक नहीं लेने का आरोप भी लगाया था।

22 मौतों, 40 लोगों की आंखों की रोशनी जाने और इसके पीछे जहरीली शराब होने की बात जीतू पटवारी के दावे पर आधारित है। जांच दल के गठन संबंधी प्रशासनिक अपडेट में इन आंकड़ों या जहरीली शराब को मौतों का कारण बताए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।

प्रशासन ने जहरीली शराब संबंधी दावे से किया था इनकार

जिला प्रशासन ने अपने पूर्व प्रेस नोट में मौतों से जुड़े दावों और आंकड़ों को भ्रामक बताया था। प्रशासन का कहना था कि जिस शराब की शिकायत की गई, वह जांच में जहरीली नहीं पाई गई। यह प्रशासन का पक्ष है; मौतों के वास्तविक कारणों की जांच अब गठित संयुक्त दल करेगा।

संभागायुक्त को सौंपी जाने वाली जांच रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों, परिस्थितियों और संबंधित तकनीकी व प्रशासनिक तथ्यों पर निष्कर्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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