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देवास में मोबाइल चोरी से खुला अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क: ₹1.50 करोड़ के 400 फोन और ₹6 लाख नकद बरामद, तीन गिरफ्तार

ऑपरेशन त्रिनेत्रम् के CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची कोतवाली पुलिस; चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के 22 जिला व पुलिस क्षेत्रों से जुड़े चोरी के मोबाइल, विदेशों में सप्लाई की आशंका की जांच जारी

देवास। शहर में नाश्ते की दुकानों पर हुई मोबाइल चोरी की दो घटनाओं की जांच से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से विभिन्न कंपनियों के एंड्रॉइड और आईफोन सहित 400 स्मार्टफोन तथा 6 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मोबाइल की अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ रुपये है। इस तरह कुल 1.56 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया है।

देवास पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस नोट में बताया कि ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम्’ के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से जांच आगे बढ़ी। बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के विभिन्न स्थानों से चोरी किए गए थे। पुलिस की सूची में कुल 22 जिला और पुलिस क्षेत्र शामिल हैं। चोरी के मोबाइल इंदौर में एकत्रित कर अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में भेजे जाने की आशंका पर भी पूछताछ की जा रही है।

अपना स्वीट्स और तिवारी स्वीट्स पर हुई थीं चोरियां

पहली घटना 13 सितंबर 2026 की है। जयश्री नगर निवासी सोमेश पिता ध्रुव नारायण जोशी, उम्र 28 वर्ष, एबी रोड स्थित अपना स्वीट्स पर नाश्ता करने गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब में रखा एंड्रॉइड मोबाइल चोरी कर लिया। आसपास तलाश करने के बावजूद मोबाइल नहीं मिला। शिकायत पर कोतवाली थाने में 15 सितंबर को अपराध क्रमांक 602/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

दूसरी घटना में पीठा रोड निवासी लकी पिता विजय जलोदकर, उम्र 34 वर्ष, नाश्ते का सामान लेने पीठा रोड स्थित तिवारी स्वीट्स पहुंचे थे। वहां भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी शर्ट की जेब से एंड्रॉइड मोबाइल चोरी कर लिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 635/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV से मिली कड़ियां, मोबाइल एकत्रित करने वाले तक पहुंची पुलिस

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर गजेन्द्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया ने किया।

टीम ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम्’ के तहत स्थापित सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। दोनों घटनाओं के साक्ष्यों का मिलान करने के साथ तकनीकी संसाधनों, मुखबिर तंत्र और भौतिक साक्ष्यों की मदद ली गई।

जांच में संगठित नेटवर्क की कड़ियां सामने आने पर पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले व्यक्तियों के साथ ही चोरी के फोन एकत्रित करने और उनकी अवैध खरीद-फरोख्त करने वालों तक जांच का दायरा बढ़ाया।

भीड़भाड़ वाले बाजार और रेलवे स्टेशन थे निशाने पर

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए फोन अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने शुभम को नेटवर्क का मुख्य रिसीवर बताया है, जो चोरी के मोबाइल एकत्रित कर उनकी आगे अवैध खरीद-फरोख्त करवाता था।

गिरोह की गतिविधियों के तार मध्य प्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, धार और छतरपुर; महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, जलगांव, जालना, छत्रपति संभाजीनगर और अहमदनगर; गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, नवसारी और दाहेज; केंद्रशासित प्रदेश के दमन तथा राजस्थान के जयपुर और अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़े मिले हैं।

विदेशों में मोबाइल भेजे जाने की आशंका

पूछताछ और विवेचना में पुलिस को इंदौर में एकत्रित चोरी के मोबाइल अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में तस्करी कर सप्लाई किए जाने की आशंका से संबंधित जानकारी मिली है। पुलिस इस संबंध में शुभम राठौर और नेटवर्क के अन्य संपर्कों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। विदेशों में सप्लाई की बात अभी जांच के दायरे में है।

ये तीन आरोपी गिरफ्तार

  1. मनीष पिता पदम सिंह, उम्र 26 वर्ष: निवासी ग्राम खलाइडा, थाना घटिया, जिला उज्जैन। वर्तमान निवास अलवासा, थाना बाणगंगा, इंदौर।
  2. सूरज सिंह पिता बक्तावर, उम्र 30 वर्ष: निवासी ग्राम खलाइडा, थाना घटिया, जिला उज्जैन।
  3. शुभम पिता संतोष राठौर, उम्र 28 वर्ष: निवासी परिवहन नगर, इंदौर एवं ऋषि पैलेस, द्वारकापुरी, इंदौर। पुलिस के अनुसार चोरी के मोबाइल का मुख्य रिसीवर।

पुलिस ने मनीष पारदी, सूरज सिंह पारदी और शुभम राठौर को गिरफ्तार किया है। जांच में संगठित आपराधिक गतिविधियों और चोरी की संपत्ति की अवैध खरीद-फरोख्त से संबंधित तथ्य सामने आने पर प्रकरण में धारा 112(2) और 317(4) बीएनएस बढ़ाई गई हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

400 स्मार्टफोन और नकदी जब्त

आरोपियों से विभिन्न कंपनियों के एंड्रॉइड और आईफोन सहित कुल 400 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 6 लाख रुपये नकद मिले हैं। कुल जब्ती 1.56 करोड़ रुपये की है।

इन 22 जिला और पुलिस क्षेत्रों से जुड़े मिले मोबाइल

पुलिस की ओर से जारी सूची में निम्न जिला और पुलिस क्षेत्र शामिल हैं:

  • गुजरात: भरूच, नवसारी, वडोदरा, वेस्टर्न रेलवे वडोदरा और अहमदाबाद।
  • दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव: दमन।
  • मध्य प्रदेश: छतरपुर, देवास, धार, इंदौर ग्रामीण, इंदौर शहर और उज्जैन।
  • महाराष्ट्र: औरंगाबाद, छत्रपति संभाजीनगर शहर, जलगांव, जालना, कोल्हापुर, नासिक ग्रामीण, ठाणे और अहमदनगर।
  • राजस्थान: अजमेर और जयपुर शहर।

आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण

पुलिस के प्रेस नोट में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ निम्न प्रकरणों का उल्लेख किया गया है।

शुभम राठौर के खिलाफ आठ प्रकरण:

  1. तुकोगंज, इंदौर — अपराध क्रमांक 540/2017, धारा 401 भादवि।
  2. विजय नगर, इंदौर — अपराध क्रमांक 689/2017, धारा 379 भादवि।
  3. द्वारकापुरी, इंदौर — अपराध क्रमांक 230/2017, धारा 380 और 454 भादवि।
  4. अन्नपूर्णा, इंदौर — अपराध क्रमांक 183/2018, धारा 379 भादवि।
  5. तेजाजीनगर, इंदौर — अपराध क्रमांक 09/2020, धारा 379, 411 और 413 भादवि।
  6. चंदन नगर, इंदौर — अपराध क्रमांक 504/2020, धारा 25 आर्म्स एक्ट।
  7. द्वारकापुरी, इंदौर — अपराध क्रमांक 377/2022, धारा 294, 323, 506 और 34 भादवि।
  8. द्वारकापुरी, इंदौर — अपराध क्रमांक 855/2022, धारा 294, 323, 506 और 34 भादवि।

सूरज सिंह के खिलाफ तीन प्रकरण:

  1. घटिया, उज्जैन — अपराध क्रमांक 379/2022, धारा 294, 323, 324, 506 और 34 भादवि।
  2. घटिया, उज्जैन — अपराध क्रमांक 170/2019, धारा 294, 323, 506 और 34 भादवि।
  3. कोतवाली, देवास — अपराध क्रमांक 635/2026, धारा 303(2) बीएनएस एवं बढ़ाई गई धारा 112(2) बीएनएस।

मनीष के खिलाफ दो प्रकरण:

  1. राघवी, उज्जैन — अपराध क्रमांक 244/2022, धारा 25 आर्म्स एक्ट।
  2. कोतवाली, देवास — अपराध क्रमांक 635/2026, धारा 303(2) बीएनएस एवं बढ़ाई गई धारा 112(2) बीएनएस।

कोतवाली और साइबर सेल की टीम की रही भूमिका

कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उपनिरीक्षक उपेन्द्र नाहर, उपनिरीक्षक हरिशंकर गोदार, प्रधान आरक्षक सुनील देथलिया, हेमंत डाबी, रवि गरोड़ा, आरक्षक पंकज गेहलोत, सूरज, मनीष और अनिल कलोदिया की भूमिका रही। साइबर सेल से प्रधान आरक्षक सचिन चौहान, शिवप्रताप सिंह सेंगर और आरक्षक राहुल बडोले ने भी जांच में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बिना बिल और स्वामित्व की पुष्टि के मोबाइल न खरीदें

देवास पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल तथा अन्य कीमती सामान की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है। किसी अज्ञात व्यक्ति से वैध बिल और स्वामित्व की पुष्टि के बिना मोबाइल नहीं खरीदने को कहा गया है। मोबाइल चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने और संचार साथी पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है। संदिग्ध गतिविधि की सूचना डायल-112 पर देने की अपील भी की गई है।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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