देवासनगर निगम

जनता के पैसे से ‘पार्षद पतियों’ की सैर? देवास निगम के उदयपुर भ्रमण पर सवाल

करीब आठ महिला पार्षदों के पति/प्रतिनिधि भी गए साथ, जबकि नगर निगम में उनका कोई आधिकारिक पद नहीं

देवास। देवास नगर निगम का दल इन दिनों उदयपुर के कथित अध्ययन भ्रमण पर है। इसमें महापौर, सभापति, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, भाजपा-कांग्रेस पार्षद, एल्डरमैन और कुछ अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार दल 19 अगस्त को टेंपो ट्रैवलर से रवाना हुआ, 20 अगस्त को भ्रमण किया और 21 अगस्त तक वापसी प्रस्तावित है।

इस यात्रा में करीब आठ महिला पार्षदों के पति भी गए हैं। इन्हें स्थानीय स्तर पर भले ही “पार्षद प्रतिनिधि” कहा जाता हो, लेकिन नगर निगम में इनका कोई आधिकारिक पद नहीं होता। ऐसे में सवाल है कि इन्हें किस हैसियत से सरकारी दल में शामिल किया गया और उनकी यात्रा, होटल एवं भोजन का खर्च कौन उठा रहा है?

यदि ये लोग निजी खर्च पर गए हैं तो नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लेकिन यदि उनका खर्च भी निगम उठा रहा है तो यह सीधे जनता के पैसे से गैर-निर्वाचित लोगों को भ्रमण कराने का मामला है। यही सवाल महापौर प्रतिनिधि की यात्रा को लेकर भी है।

यह मामला महिला प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा है। चुनाव महिला ने जीता है, इसलिए अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करने और नई व्यवस्थाएं सीखने का अधिकार भी उसी का है। उसके स्थान पर या उसके साथ पति को “प्रतिनिधि” बनाकर भेजना महिला पार्षद की भूमिका को कमजोर करता है। महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में आगे लाना है, उनके पतियों को समानांतर प्रतिनिधि बनाना नहीं।

नईदुनिया की रिपोर्ट में पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा ने भ्रमण से दूरी बनाते हुए सवाल उठाया था कि उनके वार्ड के डॉ. भीमराव आंबेडकर उद्यान के लिए निगम के पास बजट नहीं है, लेकिन घूमने के लिए पैसा उपलब्ध हो गया। उन्होंने अपने हिस्से की भ्रमण राशि उद्यान में खर्च करने की मांग करने की बात कही थी।

नगर निगम का दल इससे पहले मथुरा भी गया था, लेकिन उस भ्रमण से देवास में क्या बदलाव आया, इसकी जानकारी आज तक सामने नहीं आई। शहर में सड़कें खुदी हैं, गंदगी और कचरे की शिकायतें हैं तथा विकास कार्य धीमे चल रहे हैं। परिषद की बैठक में जिन अधिकारियों पर भाजपा पार्षदों ने फोन नहीं उठाने के आरोप लगाए थे, अब उन्हीं अधिकारियों के साथ पार्षद भ्रमण कर रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि इस बार सदस्यों को यात्रा के फोटो-वीडियो साझा नहीं करने के लिए भी कहा गया है। नगर निगम को भ्रमण में शामिल सभी लोगों की सूची, प्रत्येक व्यक्ति पर होने वाला खर्च और उदयपुर से सीखी गई व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। वरना इसे अध्ययन भ्रमण के बजाय जनता के पैसे से किया गया सैर-सपाटा ही माना जाएगा।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

Related Articles

Back to top button