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देवास में दूध ₹66 लीटर: जनता की जेब से ज्यादा वसूली, किसान की झोली में कितना पहुंचेगा?

1 अक्टूबर से खेरची दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा; किसानहित में बढ़ोतरी का दावा, लेकिन किसानों की नई खरीद दर का खुलासा नहीं

देवास। शहर में दूध खरीदने वाले परिवारों का खर्च अब और बढ़ेगा। दूध संगठन की बैठक में खेरची यानी खुदरा दूध के दाम में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से दूध की कीमत ₹66 प्रति लीटर होगी। बढ़ोतरी के पीछे किसानों की लागत और खर्च बढ़ने का तर्क दिया गया है। हालांकि, उपभोक्ताओं से मिलने वाली अतिरिक्त राशि में से किसानों तक कितना हिस्सा पहुंचेगा, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।

दूध संघ अध्यक्ष राजेश गोस्वामी ने बताया कि इंदौर और उज्जैन में दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़े हैं। देवास में भी किसानों की मांग और उनकी लागत को ध्यान में रखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।

हर महीने बढ़ेगा परिवारों का खर्च

नई दर से रोज एक लीटर दूध खरीदने वाले परिवार पर 30 दिनों में ₹60 और दो लीटर लेने वाले परिवार पर ₹120 का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। रोजमर्रा की जरूरी वस्तु होने के कारण दूध के दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ेगा।

किसानहित का दावा, तो खरीद दर भी बताएं

किसानों को उनकी मेहनत और लागत का उचित मूल्य मिलना चाहिए। लेकिन किसानहित में खुदरा कीमत बढ़ाने के साथ यह बताना भी जरूरी है कि किसानों से दूध खरीदने की दर कितनी बढ़ाई गई है। संगठन की उपलब्ध सूचना में किसानों की पुरानी और नई खरीद दर का उल्लेख नहीं है।

सिर्फ उपभोक्ता से ज्यादा कीमत लेने से किसानहित का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। बढ़ोतरी का लाभ दूध उत्पादक तक पहुंचना भी जरूरी है। संघ को खरीद और बिक्री की दरों का स्पष्ट विवरण सामने रखना चाहिए।

किसान से फैट के आधार पर खरीद, ग्राहक को लीटर में बिक्री—पारदर्शिता कहां?

जहां किसानों को दूध के फैट के आधार पर भुगतान किया जाता है, वहां फैट जांच और भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी होना जरूरी है। दूसरी ओर, लीटर के हिसाब से कीमत चुकाने वाले ग्राहक को भी दूध की गुणवत्ता की जानकारी मिलनी चाहिए।

दाम बढ़े, शुद्धता की जिम्मेदारी कौन लेगा?

महंगा दूध खरीदने वाले उपभोक्ता को पूरी मात्रा के साथ शुद्ध दूध मिलना चाहिए। दूध में पानी मिलाकर बेचे जाने की आशंका की जांच नियमित नमूने लेकर होनी चाहिए। यदि पानी मिला दूध पूरी कीमत पर बेचा जाता है, तो ग्राहक दूध के दाम पर पानी खरीदने को मजबूर होता है।

इस मामले में किसी विक्रेता के दूध की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग को दूध के नमूने लेकर जांच के परिणाम सार्वजनिक करने चाहिए। दाम बढ़ाने के साथ शुद्धता की जवाबदेही और किसानों का बढ़ा भुगतान सुनिश्चित हो, तभी किसानहित का दावा सार्थक होगा।

बैठक में जी.एल. कपूर (मामा), संतोष तेजवानी, भगवान सिंह राठौर, माखन गोस्वामी, राजेंद्र सिंह ठाकुर, ओमप्रकाश कुमावत, भगवान सेठ, महेश पंवार, रवि सावरिया, अमर सिंह ठाकुर, एहतेशाम उल्हक, सलीम बेग सहित व्यापारी उपस्थित रहे। संचालन पार्षद अजब सिंह ठाकुर ने किया और आभार धर्मेंद्र पटेल ने माना।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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