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कलेक्टर श्री गुप्ता ने पांच आरोपियों को एक-एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया

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देवास, 21 अगस्त 2024 – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पांच आरोपियों को एक-एक वर्ष के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है। ये सभी आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलग्न थे। प्रत्येक आरोपी की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है:

  1. रवि पिता रामचंद्र यादव (उम्र 27 वर्ष, निवासी चापड़ा)
  • आरोप: तोड़फोड़, अवैध वसूली और कई अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
  • कार्रवाई: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण रवि को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया है।
  1. भूपेन्द्र उर्फ भुपेश पिता रामप्रसाद (उम्र 39 वर्ष, निवासी बालगढ़, देवास)
  • आरोप: मारपीट, जान से मारने की धमकी, तोड़फोड़, अवैध हथियार रखने और अड़ीबाजी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
  • कार्रवाई: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण भूपेन्द्र को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया है।
  1. शंकर पिता कैलाश लोधी (उम्र 35 वर्ष, निवासी भौंरासा)
  • आरोप: अवैध शराब की बिक्री, मारपीट, बलवा, जान से मारने की धमकी देना और रास्ता रोककर मारपीट करने जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
  • कार्रवाई: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण शंकर को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया है।
  1. अशरफ उर्फ भैरू पिता छोटे खां (उम्र 32 वर्ष, निवासी देवास)
  • आरोप: जान से मारने की धौंस देना और प्राणघातक हमले जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
  • कार्रवाई: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण अशरफ को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया है।
  1. शाहिद पिता शाकीर कुरैशी (उम्र 42 वर्ष, निवासी देवास)
  • आरोप: आम जनता के साथ मारपीट, सार्वजनिक स्थानों पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर अवैध शराब तस्करी, और गौहत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
  • कार्रवाई: लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण शाहिद को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया है।

कलेक्टर श्री गुप्ता के आदेशानुसार, सभी आरोपियों को 24 घंटों के भीतर देवास जिले और उसके आसपास के इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा। इन जिलों में वे जिला दंडाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

इस फैसले का उद्देश्य जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों में संलग्न लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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