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धार्मिक प्रतिष्ठान/पूजा स्थलों को खोलने की दी अनुमति, कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बरतनी होगी सावधानियाँ

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देवास, 10 जून 2020/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चंद्रमौली शुक्ला ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए जिले के समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान/ पूजा स्थलों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। संबंधित अनुभाग क्षेत्र में संबंधित एसडीएम/एसडीओ (पी) आदेश का पालन सुनिश्चित कराएंगे। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 187,188, 269, 270, 271 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 तथा द एपिडेमिक डिसीज़ एक्ट 1897 के अंतर्गत दण्डनीय होगा।

ये रखना होगी सावधानियां

 कलेक्टर श्री शुक्ला ने जारी आदेश में उल्लेख किया है कि सभी आमजनों को धार्मिक स्थलों दर्शनार्थ को जाते समय साधारण सावधानियाँ रखना होगी। उन्होंने आमजनों से कहा है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं बीमारियों- कोमोब्रिडिटी कंडीशन्स से ग्रस्त व्यक्तियों को घर पर रहने की सलाह दी है। धार्मिक प्रतिष्ठान संचालकों द्वारा यह जानकारी उनके स्थान पर भेंट करने वालों को प्रदान की जायेगी।

   धार्मिक प्रतिष्ठानों/पूजा स्थलों पर कार्यरत व्यक्तियों तथा आगन्तुकों द्वारा अनिवार्यतः हर समय इन सावधानियों का पालन किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर, जहाँ तक संभव हो, आपस में 6 फीट की दूरी रखी जाये, चेहरे को मास्‍क/फेस कवर से ढांकना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाये। देखने में गंदे न होने पर भी साबुन एवं पानी से बार-बार 40-60 सेकंड तक हाथ धोये जायें, अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से (कम से कम 20 सेकंड तक) हाथों को सैनिटाइज करने की सुविधा, जहां उपयुक्त उपलब्ध करायें। श्वसन एटीकेटस् का कड़ाई से पालन करायें। छींकते / खाँसते समय मुंह को रूमाल/टिश्यू पेपर/कोहनी से ढांके, उपयोग किये गये टिश्यू पेपर का ठीक से निस्तारण सुनिश्चित करें। स्वयं के स्वास्थ्य की निगरानी करें, बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल जिले की हेल्पलाईन पर संपर्क करें। थूकना सर्वथा वर्जित है। उन्होंने आदेश में कहा है कि आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कर उपयोग करने की सलाह सब को दी जाये।

समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान सुनिश्चित करें

 जारी आदेशानुसार प्रवेश द्वार पर हैण्ड हायजीन के लिये सेनेटाइजर डिस्पेन्सर एवं धर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। लक्षण रहित व्यक्तियों (सर्दी, खाँसी-बुखार आदि न होने पर) को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। मास्क/फेस कवर पहनने पर ही प्रवेश की अनुमति होगी। कोविड-19 संक्रमण से बचाव संबंधी प्रसार सामग्री का प्रदर्शन प्रमुखता से हो। ऑडियो एवं वीडियो क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियों का प्रसारण बार-बार सुनिश्चित करें। जूते/चप्पल स्वयं के वाहन में खोल कर आने की समझाईश दें। आवश्यक होने पर जूते/चप्पल प्रत्येक व्यक्ति/परिवार के लिये निर्दिष्ट पृथक स्थान पर स्वयं द्वारा रखे जाएं। परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करवाना धार्मिक प्रतिष्ठान संचालकों के लिये अनिवार्य है। परिसर के अंदर अथवा बाहर संचालित दुकान/ स्टॉल/ कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन 24X7 सुनिश्चित करें। सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिये कतार की लाईन में गोले के निशान बनावायें। संभव होने पर प्रवेश एवं निकास द्वार पृथक रखें। प्रवेश के लिये कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी सुनिश्चित करें। परिसर में प्रवेश के पूर्व आगन्तुकों द्वारा साबुन एवं पानी से हाथ एवं पैर का घोना सुनिश्चित करें। बैठने की व्यवस्था इस तरह करें जिससे सोशल डिस्टेसिंग नॉर्मस का पालन हो। वातनुकूलन/ए.सी. के लिये सी.पी.डब्लूडी द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देशों का पालन हो। ए.सी. का तापमान 24°c-30°c हो। रिलेटिव हयूमिडिटी 40-70 प्रतिशत हो। ताजी हवा का आवागमन एवं क्रॉस वेंटीलेशन पर्याप्त होना सुनिश्चित करें। मूर्ति/धार्मिक ग्रंथ आदि को स्पर्श करने की अनुमति न दें। धार्मिक प्रतिष्ठानों में प्रसाद/ चरणामृत/छिड़काव आदि का वितरण वर्जित है। आरती की थाली/मूर्ति आदि पर चढ़ावा कैश के रूप में न दें। डिजिटल ट्रांसफर ऑफ मनी को प्राथमिकता दें अथवा दान पेटी में दान दें। धार्मिक प्रतिष्ठान में फूल, नारियल, अगरबती, चादर, चूनरी आदि चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। मन्दिर में घंटी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रेलिंग का स्पर्श करने से बचने की सलाह दें। अधिक भीड/बडी संख्या में लोगों को एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी। कोविड-19 संक्रमण के परिप्रेक्ष्य में प्रि-रेकॉर्डेड भजन/गीत बजाए जाएं। कॉयर/सिंसिंग/ गुरुवाणी गाने की अनुमति नहीं होगी। घर से वजू करके आयें। प्रार्थना के लिये जाजम न बिछाई जाये। श्रद्धालू अपनी मेट/कपडा स्वयं लाये तथा प्रार्थना के बाद वापस ले जायें। अभिवादन के लिये एक दूसरे को स्पर्श न करें। धार्मिक प्रतिष्ठानों में सामुदायिक रसोई/लंगर/अन्नदान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भोजन बनाने एवं वितरित करने के दौरान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। परिसर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाये। टॉयलेट/बाथरूम एवं हाथ पैर धोने के स्थान पर सफाई का विशेष ध्यान रखें।

धातु से बनी वस्तुओं को विसंक्रमण करें

धातु से बनी वस्तुयें जिनमें रेलिंग, नल, दरवाजे के हेन्डल आदि का बार-बार विसंक्रमण सुनिश्चित करें। धार्मिक प्रतिष्ठान द्वारा परिसर की बारबार सफाई एवं विसंक्रमण सुनिश्चित किया जाये। एक प्रतिशत सोडियम होईपोक्लोराईट सोल्यूशन का उपयोग विसंक्रमण के लिये करें।परिसर में भूमि की सफाई विशेष रूप से बार-बार कराई जाए। कर्मचारियों एवं आगन्तुकों द्वारा छोडे गये मास्क/फेस कवर/ ग्लोव्स् का समुचित निपटान सुनिश्चित करें।

संभावित संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति के पाये जाने पर ये करें

परिसर में पुष्ट/ संभावित संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति पाये जाने पर व्यक्ति को पृथक कमरे/स्थान पर रखें जहाँ अन्य लोगों की आवाजाही न हो। चिकित्सक द्वारा जाँच किये जाने तक व्यक्ति को मास्क/ फेस कवर उपलब्ध कराये। तत्काल निकटस्थ अस्पताल/ स्वास्थ्य केन्द्र पर संपर्क कर सूचना दें अथवा जिले/ राज्य की हेल्पलाइन पर सूचित करें। संबंधित पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी ( जिला RRT / चिकित्सक ) द्वारा रिस्क असेसमेंट अनुसार प्रबंधन, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एवं विसंक्रमण संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। व्यक्ति के पॉजिटिव पाये जाने पर धार्मिक प्रतिष्ठान के परिसर का विसंक्रमण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। जन साधारण द्वारा धार्मिक प्रतिष्ठानों / पूजा स्थलों पर आध्यात्मिक संतुष्टि के लिये बड़ी संख्या में भेंट दी जाती है। ऐसे स्थानों पर कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिये सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अन्य सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता है। कन्टेनमेंट एरिया के अंतर्गत आने वाले समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान / पूजा स्थल बंद रहेंगे, सिर्फ कंटेनमेंट एरिया के बाहर के स्थलों पर प्रवेश की अनुमति होगी।

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Sneha

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