
देवास: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका सीधा संदेश देवास कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिया है। बैठक के दौरान कलेक्टर का गुस्सा सातवें आसमान पर था। स्वास्थ्य सेवाओं में भारी लापरवाही मिलने पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से 18 अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है।
इसमें एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है, जबकि कई अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने और वेतन काटने के आदेश जारी किए गए हैं।
बड़ी कार्रवाई: किसे क्या सजा मिली?
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि एएनसी (ANC) रजिस्ट्रेशन, टीकाकरण और टीबी नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है। उन्होंने मौके पर ही सजा का ऐलान किया:
- निलंबन (Suspended): सोनकच्छ में टीबी प्रोग्राम (National Tuberculosis Program) में निराशाजनक कार्य करने पर एसटीएलएस (STLS) शर्मिला राठौर को निलंबित करने के निर्देश।
- वेतनवृद्धि रोकी (Increments Stopped):
- सोनकच्छ बीएमओ (BMO) राकेश कुमार (2 वेतनवृद्धि)।
- बीईई सुखदेव रावत (2 वेतनवृद्धि)।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पानी गांव की डॉ. मेघा कदम (1 वेतनवृद्धि – मातृ मृत्यु लापरवाही में)।
- एनआरसी डॉ. कपिल गांगिल (2 वेतनवृद्धि)।
- ड्यूटी नर्स (रेफर केस में लापरवाही पर 2 वेतनवृद्धि)।
- विभागीय जांच (Departmental Inquiry): कन्नौद बीएमओ लोकेश मीणा, जिला अस्पताल की डॉ. लक्ष्मी जायसवाल और ड्यूटी स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश।
- वेतन कटा (Salary Deduction): एएनएम रीना साकते, एएनएम दीपिका वर्मा, सोनकच्छ बीपीएम दीपक चौहान, बीपीएम रतनसिंह जामले, बीपीएम प्रदीप पवार, एपीएम स्वीटी यादव और बीसीएम पवन सवनेर का 7 से 10 दिन तक का वेतन काटने के निर्देश।
- शोकाज नोटिस: डॉ. आदर्श ननेरिया और डॉ. वर्षा राय (सोनकच्छ) को मुख्यालय पर न रहने पर नोटिस।
सोनकच्छ की हालत सबसे खराब, BMO को फटकार
बैठक में सोनकच्छ ब्लॉक की स्थिति सबसे निराशाजनक पाई गई। यहां एएनसी रजिस्ट्रेशन से लेकर टीबी कंट्रोल तक, हर मोर्चे पर विभाग फेल नजर आया। कलेक्टर ने सोनकच्छ बीएमओ राकेश कुमार को भरी बैठक में फटकार लगाई और उनकी दो वेतनवृद्धि रोकने के साथ ही बीपीएम का वेतन काटने का भी आदेश दिया।
कलेक्टर का अल्टीमेटम: “मेरी अनुमति के बिना छुट्टी नहीं”
स्वास्थ्य विभाग में मनमानी पर लगाम कसते हुए कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी बीएमओ (BMO) कलेक्टर की अनुमति के बिना छुट्टी पर नहीं जाएगा। यदि कोई डॉक्टर या कर्मचारी बिना स्वीकृति के अनुपस्थित पाया गया, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अच्छी खबर: एनीमिक गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे 500 रुपये
बैठक में एक सकारात्मक पहल की भी घोषणा की गई। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रशासन ने तय किया है कि:
एनीमिक (खून की कमी वाली) गर्भवती महिलाओं को शासकीय अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूशन (Blood Transfusion) कराने पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:
- रेफरल पॉलिसी: सिर्फ ‘हाई रिस्क’ (High Risk) केस ही रेफर किए जाएं। बिना वजह रेफर करने पर डॉक्टर जिम्मेदार होंगे।
- साफ तौलिया अनिवार्य: रेफर किए जाने वाले नवजात बच्चों के लिए साफ टॉवेल का उपयोग किया जाए ताकि संक्रमण न हो।
- टोंकखुर्द की तारीफ: टीबी प्रोग्राम में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर टोंकखुर्द ब्लॉक की सराहना की गई।
