
देवास, 28 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश के देवास जिले में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नायरा पेट्रोल पंप पर हुई करीब 2 लाख रुपये की लूट की घटना का पुलिस ने मात्र 15 दिनों में सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूटी गई पूरी रकम सहित अन्य सामग्री बरामद कर ली है। इस सफलता में ऑपरेशन त्रिनेत्रम की सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की अहम भूमिका रही, जिसके कारण पूरी घटना कैद हो गई और आरोपी जल्द पकड़े गए।
घटना 13 दिसंबर 2025 की रात की है। पेट्रोल पंप पर हिसाब-किताब देखने वाले कर्मचारी आनंद देशमुख (निवासी शिवशक्ति नगर, देवास) ने 14 दिसंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, रात करीब 11:30 बजे वह पंप से करीब 1,99,980 रुपये नकद एक काले बैग में रखकर घर लौट रहे थे। बीमा चौराहे के पास बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर गिराया और बैग छीनकर फरार हो गए। इस दौरान आनंद को घुटने और हथेली में चोटें आईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुजित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हितेश पाटिल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, मुखबिर तैनात किए और पंप कर्मचारियों से पूछताछ की।
25 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर पेट्रोल पंप का ही कर्मचारी सूरज उर्फ सुर्या परमार (20 वर्ष, खरसोदखुर्द, उज्जैन) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि एक युवती से शादी के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने लालच में आकर अपने साथियों को आनंद की दिनचर्या की जानकारी दी। इसके बाद उसके तीन साथियों ने लूट को अंजाम दिया। उसी रात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
- सूरज उर्फ सुर्या परमार (20 वर्ष, खरसोदखुर्द, उज्जैन)
- अरुण उर्फ करण मेवाती (21 वर्ष, भिडावद, उज्जैन)
- मोहित उर्फ कालीचरण घावरी (19 वर्ष, सावरिया मंदिर क्षेत्र, उज्जैन)
- विकास उर्फ तेजा सोंलकी (19 वर्ष, खरसोदखुर्द, उज्जैन)
बरामद सामग्री:
- घटना में इस्तेमाल बजाज पल्सर मोटरसाइकिल
- लूटी रकम से खरीदे सामान: लकड़ी का पलंग, वाशिंग मशीन, सोने का मंगलसूत्र पेंडेंट, पांव की बिछिया, चांदी की अंगूठी
- काला बैग, हिसाब की पर्चियां, आधार कार्ड
- नकदी ₹1,16,700 और आरोपियों के बैंक खातों में ₹39,000 (होल्ड कराई गई)
इस मामले में थाना प्रभारी हितेश पाटिल, उनि पर्वत सिंह परिहार, प्रआर पवन पटेल, घनश्याम अर्जणे, आर अरुण चावड़ा तथा साइबर सेल के प्रआर सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सेंगर की भूमिका सराहनीय रही।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में देवास जिले में दर्ज 17 लूट के सभी मामलों का खुलासा हुआ और 100% संपत्ति बरामद की गई। संपत्ति अपराधों में भी पुलिस ने ₹7.4 करोड़ की चोरी में से ₹5.92 करोड़ (80%) बरामद कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
ऑपरेशन त्रिनेत्रम की बदौलत सीसीटीवी निगरानी से अपराधों पर अंकुश लग रहा है, जिससे देवास पुलिस की सक्रियता और तकनीकी उपयोग की मिसाल कायम हुई है।
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