
देवास, 03 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के देवास जिले में थाना बरोठा पुलिस ने एक सनसनीखेज वाहन लूट की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई बोलेरो कार, घटना में इस्तेमाल की गई ऑल्टो कार और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। कुल बरामद माल की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
घटना 27 दिसंबर 2025 की है, जब फरियादी कपिल सोलंकी निवासी हाटपीपल्या अपनी पत्नी के साथ बोलेरो कार से देवास से हाटपीपल्या जा रहे थे। रास्ते में एक सफेद रंग की ऑल्टो कार में सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को सीजिंग कंपनी का कर्मचारी बताकर बिना कोई नोटिस या पुलिस सूचना दिए दंपति को रास्ते में उतार दिया और बोलेरो कार लेकर फरार हो गए।
फरियादी की शिकायत पर थाना बरोठा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) हरनारायण बाथम और उप पुलिस अधीक्षक संजय शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सविता सिंह जाटव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
ऑपरेशन त्रिनेत्रम की भूमिका अहम
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सहारा लिया। घटनास्थल के आसपास के कैमरों में आरोपी बोलेरो कार लेकर भागते हुए कैद हो गए। इसी फुटेज और सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
- रवि उर्फ भीम पिता समंदर सिंह चौहान, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम लिम्बोदा, थाना देपालपुर, जिला इंदौर।
- अंकित पिता ओमप्रकाश अजमेरी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बिसनावदा, जिला इंदौर।
बरामद माल:
- लूटी गई बोलेरो कार
- घटना में प्रयुक्त ऑल्टो कार
- एक मोबाइल फोन
(कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये)
इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी सविता सिंह जाटव, उप निरीक्षक मलखान सिंह भाटी, ईश्वर मंडलोई, गोरीशंकर, प्रधान आरक्षक तेजसिंह, सचिन पाल, आरक्षक विजेंद्र सिसौदिया, अजय पाल, विकास, पीयूष पटेल, आशीष, आदर्श, अरुण परमार, सैनिक मुकेश पटेल, राजेंद्र, संतोष, कैलाश, विष्णु तथा साइबर सेल टीम के प्रभारी शिवप्रताप सिंह सेंगर और सचिन चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने टीम की तारीफ करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ जैसी पहल अपराध नियंत्रण में क्रांतिकारी साबित हो रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सीसीटीवी निगरानी कितनी प्रभावी हो सकती है।
अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।
