देवासप्रशासनिक

प्रधान आरक्षक फिरोज खान मामला: करीब ₹218 करोड़ के मामलों की पड़ताल, ₹68 करोड़ की 51 संपत्तियां सामने आईं; ₹150 करोड़ की जमीन के सौदे में भूमिका की जांच

राजोदा में रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम मिली एक और कृषि भूमि; 1.65 करोड़ रुपये में हुई रजिस्ट्री, बाजार कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपये आंकी गई

देवास। प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान और उनके सहयोगियों के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में सामने आई अचल संपत्तियों की संख्या अब 51 पहुंच गई है। लोकायुक्त के 24 अक्टूबर 2026 के अपडेट के अनुसार, इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 68 करोड़ 1 लाख 90 हजार रुपये आंकी गई है। देवास के राजोदा में रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम एक और कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी सामने आने के बाद संपत्तियों का ब्योरा बढ़ा है।

इसके अलावा इंदौर के मगरखेड़ा क्षेत्र की करीब 45 बीघा विवादित जमीन के सौदे में भी फिरोज खान की भूमिका की जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई गई है और सौदे में फिरोज खान का नाम गवाह के रूप में दर्ज है। यह अलग जमीन सौदा जांच के दायरे में है।

राजोदा में रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम मिली जमीन

ताजा प्रेस नोट के मुताबिक, देवास के ग्राम राजोदा में पहले सामने आई कृषि भूमियों के अतिरिक्त 11 जून 2024 को पटवारी हल्का नंबर 68 में 1.15 हेक्टेयर भूमि रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम खरीदी जाना पाया गया है।

इस जमीन की रजिस्ट्री कीमत 1 करोड़ 65 लाख 2 हजार 498 रुपये है। लोकायुक्त ने वर्तमान बाजार भाव के अनुसार इसका मूल्य लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये आंका है।

यह राजोदा की पहले सामने आई जमीनों के अतिरिक्त नया विवरण है। 16 अक्टूबर के अपडेट में रोशनी वर्मा के नाम राजोदा की 1.15 हेक्टेयर भूमि का रजिस्ट्री मूल्य 62 लाख 46 हजार 562 रुपये बताया गया था।

51 अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत 19.94 करोड़ रुपये

लोकायुक्त के 24 अक्टूबर के अपडेट में अब तक जांच में सामने आई चल-अचल संपत्ति का आंकड़ा 21 करोड़ 65 लाख 39 हजार रुपये बताया गया है। इनमें कुल 51 अचल संपत्तियां शामिल हैं।

इन अचल संपत्तियों की गाइडलाइन के अनुसार खरीद कीमत 19 करोड़ 94 लाख 55 हजार रुपये और वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत 68 करोड़ 1 लाख 90 हजार रुपये बताई गई है।

चल-अचल संपत्ति का दर्ज आंकड़ा, अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत और वर्तमान बाजार मूल्य अलग-अलग आधार पर दिए गए हैं।

मगरखेड़ा की 45 बीघा जमीन: 150 करोड़ की अनुमानित कीमत, नौ करोड़ का सौदा

इंदौर के मगरखेड़ा क्षेत्र की करीब 45 बीघा जमीन के सौदे में भी फिरोज खान का नाम सामने आया है। नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, जमीन कस्तूरीबाई और रविकांत पंवार ने श्याम इन्फ्रा के पार्टनर सुमित जिंदल को नौ करोड़ रुपये में बेची थी। इसमें फिरोज खान गवाह के रूप में दर्ज हैं। जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में जमीन के नामांतरण पर राजस्व न्यायालय की रोक का भी उल्लेख है।

इस सौदे में फिरोज खान की भूमिका और लेन-देन से उनके संबंध की पड़ताल की जा रही है। करीब 150 करोड़ रुपये का यह अनुमान 24 अक्टूबर के प्रेस नोट में दर्ज 51 संपत्तियों के 68.01 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य से अलग विवरण है। इसे फिरोज खान की स्थापित निजी संपत्ति मानकर कुल राशि में जोड़ना उचित नहीं होगा।

14 अक्टूबर को 15 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

मामले की शुरुआत आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की जांच से हुई थी। फिरोज खान पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में प्रधान आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ हैं। 14 अक्टूबर की सुबह छह बजे इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीमों ने देवास के आदर्श नगर स्थित उनके आवास सहित 15 स्थानों पर सर्च कार्रवाई की थी।

देवास और इंदौर के मकान, फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि और व्यावसायिक भूखंडों से जुड़े स्थान कार्रवाई में शामिल थे। देवास के आदर्श नगर, पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर और इंदिरा गांधी नगर के साथ इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी के पते सामने आए थे। गजीपुरा, गुरान, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी की जमीनें भी जांच में शामिल थीं।

विवादित जमीनों में हस्तक्षेप और परिजनों के नाम संपत्ति खरीदने की शिकायत

प्रारंभिक प्रेस नोट के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान अपनी पदस्थापना वाले संस्थान से लगातार अनुपस्थित रहते हैं और पुलिस विभाग में होने का प्रभाव बताकर विवादित जमीनों तथा प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करते हैं।

पत्नी, मां और परिचित रोशनी वर्मा के नाम संपत्तियां खरीदने, कई वाहन रखने तथा लकड़ी का कारोबार करने की बात भी शिकायत में कही गई थी। डीएसपी सुनील तालान के माध्यम से शिकायत की जांच कराए जाने के बाद सर्च कार्रवाई की गई।

शुरुआती आय का आकलन 1.93 करोड़ रुपये था

14 अक्टूबर के प्रारंभिक प्रेस नोट में फिरोज खान की वेतन से अनुमानित आय 75 लाख रुपये बताई गई थी। अन्य स्रोत जोड़कर कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई थी।

उसी दिन के बाद के अपडेट में चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार रुपये खर्च सामने आने की जानकारी दी गई। उस समय लोकायुक्त ने इसे आंकी गई आय से करीब 568 प्रतिशत अधिक बताया था। आगे की विवेचना में संपत्तियों और उनसे जुड़े आंकड़ों में वृद्धि हुई है।

रोशनी वर्मा के नाम गुरान में जमीन का एग्रीमेंट

प्रारंभिक जांच में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट रोशनी वर्मा के नाम कराए जाने की जानकारी सामने आई थी।

लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता और उनके पिता के बीच भूमि विवाद का लाभ उठाकर यह अनुबंध कराया गया। जांच में फिरोज खान की परोक्ष भूमिका सामने आने तथा भूमि खरीद में भूमिका पाए जाने पर रोशनी वर्मा को भी आरोपी बनाया गया था।

16 अक्टूबर तक 38 संपत्तियां और 35.46 करोड़ रुपये बाजार मूल्य

16 अक्टूबर के अपडेट में कुल 38 अचल संपत्तियों की जानकारी दी गई थी। इनकी बाजार कीमत 35 करोड़ 46 लाख 46 हजार 768 रुपये आंकी गई थी।

उस अपडेट में राजोदा की भूमि के अलावा साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम शक्ति नगर में 1,250 वर्गफीट का भूखंड, नफीस खान के नाम शालीमार कॉलोनी में 40.5 वर्गमीटर का प्लॉट और रानू कुशवाह के नाम ग्राम लोहाना में 0.305 हेक्टेयर कृषि भूमि सामने आई थी।

19 अक्टूबर को पत्नी की संयुक्त कंपनी के नाम जमीनें सामने आईं

19 अक्टूबर के प्रेस नोट में स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम इंदौर जिले के रंगवासा और लसुडिया मोरी में कृषि भूमियां खरीदे जाने की जानकारी दी गई थी।

लोकायुक्त के अनुसार, यह कंपनी फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित होना पाई गई। रंगवासा में वर्ष 2023 और 2024 के भूमि सौदों तथा लसुडिया मोरी में जुलाई 2024 में खरीदी गई 11.7710 हेक्टेयर कृषि भूमि का विवरण सामने आया था। लसुडिया मोरी की भूमि का गाइडलाइन मूल्य 3.85 करोड़ रुपये बताया गया था।

उस समय कुल 46 अचल संपत्तियों की बाजार कीमत 64 करोड़ 1 लाख 11 हजार 768 रुपये आंकी गई थी। कंपनी और नए भूमि विवरणों के संबंध में जानकारी जुटाने तथा सत्यापन की कार्रवाई बताई गई थी।

नीलामी में खरीदे गए दो प्लॉट भी जांच में आए

बाद की रिपोर्टों में देवास में नीलामी के जरिए खरीदे गए दो प्लॉट का विवरण सामने आया। लोकायुक्त एसपी के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, अगस्त 2025 की नीलामी में उज्जैन रोड का 2,400 वर्गफीट और कॉन्वेंट स्कूल मार्ग का 750 वर्गफीट का प्लॉट कुल 92 लाख रुपये में खरीदा गया था। नीलामी में फिरोज खान की पत्नी, मां और बेटी ने बोली लगाई थी। खरीद और रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेजों के लिए देवास रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी मांगी गई।

बैंक खातों, वाहनों और कारोबारी फर्मों की भी पड़ताल

14 अक्टूबर के अपडेट में आरोपीगण के नाम इंदौर, उज्जैन और देवास के बैंकों में लगभग 21 खाते मिलने की जानकारी दी गई थी। खातों से निकासी पर रोक लगाकर बैंक विवरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई थी। ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित करीब नौ वाहनों के दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।

जांच में साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल स्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियां व फर्में सामने आई थीं। इसके बाद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का विवरण भी जांच में शामिल हुआ।

कैसे बढ़ा संपत्तियों का आंकड़ा

14 अक्टूबर: 33 अचल संपत्तियां; अनुमानित बाजार कीमत करीब 29.73 करोड़ रुपये।

16 अक्टूबर: 38 अचल संपत्तियां; अनुमानित बाजार कीमत करीब 35.46 करोड़ रुपये।

19 अक्टूबर: 46 अचल संपत्तियां; अनुमानित बाजार कीमत करीब 64.01 करोड़ रुपये।

24 अक्टूबर: 51 अचल संपत्तियां; अनुमानित बाजार कीमत करीब 68.02 करोड़ रुपये।

संपत्तियों के स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में जांच की जा रही है।

विवेचना में संपत्तियों के दस्तावेज, खरीद के लिए रकम के स्रोत, बैंक लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों व फर्मों की भूमिका की पड़ताल जारी है। संपत्तियों के नवीनतम आधिकारिक आंकड़े 24 अक्टूबर 2026 के प्रेस नोट पर आधारित हैं। मगरखेड़ा के जमीन सौदे का विवरण अलग जांच से संबंधित प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित है।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

Related Articles

Back to top button