देवासपुलिस

प्रधान आरक्षक फिरोज खान मामले में अब तक 64 करोड़ की संपत्तियां सामने आईं, 46 अचल संपत्तियों तक पहुंची जांच

लोकायुक्त का 19 अक्टूबर का अपडेट: पत्नी और परिचित की संयुक्त कंपनी के नाम जमीनों की जानकारी मिली; संपत्तियों की बाजार कीमत ₹64.01 करोड़, चल-अचल संपत्तियों पर खर्च ₹18.79 करोड़ से अधिक।

देवास। प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान और उनके सहयोगियों के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में सामने आई संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत अब 64 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। लोकायुक्त के 19 अक्टूबर के अपडेट के अनुसार, स्वयं फिरोज खान, सहयोगियों, परिवार और फर्म के नाम खरीदी गई 46 अचल संपत्तियों की बाजार कीमत 64 करोड़ 1 लाख 11 हजार 768 रुपये आंकी गई है।

ताजा जांच में स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम कृषि भूमियां खरीदे जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त के मुताबिक, यह कंपनी फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित होना पाई गई है। नई संपत्तियों के संबंध में प्राप्त जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।

गाइडलाइन कीमत 17.19 करोड़, कुल खर्च 18.79 करोड़ से अधिक

लोकायुक्त के अनुसार, अब तक सामने आई अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत 17 करोड़ 19 लाख 46 हजार 323 रुपये है। वहीं, समस्त चल-अचल संपत्तियों पर कुल 18 करोड़ 79 लाख 79 हजार 531 रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अचल संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत करीब ₹64.01 करोड़ आंकी गई है। गाइडलाइन कीमत, बाजार मूल्य और चल-अचल संपत्तियों पर कुल खर्च अलग-अलग आंकड़े हैं।

जांच में सामने आया विवरण राशि / संख्या
कुल अचल संपत्तियां 46
अचल संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत ₹64,01,11,768
अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत ₹17,19,46,323
चल-अचल संपत्तियों पर कुल खर्च ₹18,79,79,531

पत्नी हिना खान और युवराज पंवार की कंपनी सामने आई

नए प्रेस नोट के मुताबिक, ग्राम रंगवासा और लसुडिया मोरी में कृषि भूमि स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम खरीदी जाना पाया गया है।

लोकायुक्त ने बताया कि यह कंपनी फिरोज खान की पत्नी हिना खान और युवराज पंवार, पिता रविकांत पंवार, निवासी इंदौर के संयुक्त नाम से संचालित है। कंपनी के संबंध में और जानकारी प्राप्त की जा रही है।

नए अपडेट में जमीनों की नौ प्रविष्टियां

लोकायुक्त के प्रेस नोट में इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा, पटवारी हल्का नंबर 32 में कृषि भूमियों तथा ग्राम लसुडिया मोरी में एक बड़ी कृषि भूमि का विवरण दिया गया है।

क्रमांक खरीद की तारीख स्थान और क्षेत्रफल गाइडलाइन मूल्य
1 28 फरवरी 2024 रंगवासा में 0.203 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹7,32,771
2 2 फरवरी 2024 रंगवासा में 0.203 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹9,41,771
3 6 सितंबर 2023 रंगवासा में 0.2020 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹9,37,367
4 26 जुलाई 2023 रंगवासा में 0.203 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹9,41,771
5 28 अगस्त 2023 रंगवासा में 0.2020 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹4,31,367
6 6 फरवरी 2023 रंगवासा में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹9,37,868
7 2 फरवरी 2024 रंगवासा में 0.203 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹9,41,771
8 8 मई 2023 रंगवासा में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹18,75,736
9 जुलाई 2024 लसुडिया मोरी, वार्ड नंबर 35 में रेड कारपेट के पीछे 11.7710 हेक्टेयर कृषि भूमि ₹3,85,00,000

प्रेस नोट में 2 फरवरी 2024 की समान क्षेत्रफल और मूल्य वाली प्रविष्टि दो बार दर्ज है। इन विवरणों का सत्यापन जारी है। कुल अचल संपत्तियों की संख्या लोकायुक्त ने 46 बताई है।

14 अक्टूबर की सुबह शुरू हुई थी कार्रवाई

फिरोज खान इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में प्रधान आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ हैं। 14 अक्टूबर की सुबह 6 बजे इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीमों ने देवास के आदर्श नगर स्थित उनके आवास सहित 15 स्थानों पर सर्च कार्रवाई शुरू की थी।

कार्रवाई में देवास और इंदौर के मकान, फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि और व्यावसायिक भूखंडों से जुड़े स्थान शामिल थे। देवास के आदर्श नगर, पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर और इंदिरा गांधी नगर के अलावा इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी के पते सामने आए थे। गजीपुरा, गुरान, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी की जमीनें भी जांच में शामिल थीं।

विवादित जमीनों के सौदों में हस्तक्षेप की शिकायत

प्रारंभिक प्रेस नोट के अनुसार, लोकायुक्त इंदौर को शिकायत मिली थी कि फिरोज खान अपनी पदस्थापना वाले संस्थान से लगातार अनुपस्थित रहते हैं और पुलिस विभाग में होने का प्रभाव बताकर विवादित जमीनों, प्लॉटों तथा संपत्ति संबंधी मामलों में हस्तक्षेप करते हैं।

शिकायत में पत्नी, मां और परिचित रोशनी वर्मा के नाम संपत्तियां खरीदने, कई वाहन रखने और लकड़ी का कारोबार करने की बात कही गई थी। शिकायत की जांच डीएसपी सुनील तालान के माध्यम से कराई गई, जिसके बाद सर्च कार्रवाई हुई।

शुरुआती जांच में 1.93 करोड़ रुपये आंकी गई थी आय

14 अक्टूबर के प्रेस नोट में फिरोज खान की वेतन से अनुमानित आय 75 लाख रुपये और अन्य स्रोतों को जोड़कर कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई थी।

उसी दिन के बाद के अपडेट में चल-अचल संपत्तियों पर करीब 12.95 करोड़ रुपये खर्च सामने आने की जानकारी दी गई थी। लोकायुक्त ने उस समय इसे आंकी गई आय से लगभग 568 प्रतिशत अधिक बताया था। इसके बाद की विवेचना में संपत्तियों और खर्च के आंकड़े बढ़े हैं।

रोशनी वर्मा के नाम जमीन और एग्रीमेंट की जानकारी

पूर्व प्रेस नोट के अनुसार, ग्राम गुरान, तहसील सांवेर में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट रोशनी वर्मा के नाम कराया गया था। लोकायुक्त के मुताबिक, जांच में इस सौदे में फिरोज खान की परोक्ष भूमिका सामने आई थी। भूमि खरीद में भूमिका पाए जाने पर रोशनी वर्मा को भी आरोपी बनाया गया था।

16 अक्टूबर के अपडेट में रोशनी वर्मा के नाम ग्राम राजोदा में 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी दी गई। इसका रजिस्ट्री मूल्य 62 लाख 46 हजार 562 रुपये बताया गया था।

इसके अलावा साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम शक्ति नगर में 1,250 वर्गफीट का भूखंड, नफीस खान के नाम शालीमार कॉलोनी में 40.5 वर्गमीटर का प्लॉट और रानु कुशवाह के नाम ग्राम लोहाना में 0.305 हेक्टेयर कृषि भूमि सामने आई थी।

21 बैंक खाते और नौ वाहनों के दस्तावेज मिले थे

14 अक्टूबर के अपडेट के अनुसार, आरोपीगण के नाम इंदौर, उज्जैन और देवास के बैंकों में लगभग 21 खाते मिले थे। खातों से राशि निकालने पर रोक लगाकर बैंक विवरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई थी।

ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित लगभग नौ वाहनों के दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। जांच में साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल स्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियां व फर्में सामने आई थीं। अब स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

29.73 करोड़ से बढ़कर 64.01 करोड़ पहुंचा बाजार मूल्य

लोकायुक्त अपडेट अचल संपत्तियों की संख्या आंकी गई बाजार कीमत
14 अक्टूबर 2026 33 करीब ₹29.73 करोड़
16 अक्टूबर 2026 38 करीब ₹35.46 करोड़
19 अक्टूबर 2026 46 करीब ₹64.01 करोड़

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में जांच की जा रही है। विभिन्न विभागों से जानकारी मांगी गई है। नए भूमि विवरणों का सत्यापन और कंपनी के संबंध में जानकारी जुटाने की कार्रवाई जारी है। ये आंकड़े लोकायुक्त के 19 अक्टूबर 2026 तक के जांच अपडेट पर आधारित हैं।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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