
देवास। नगर निगम परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का 765.58 करोड़ रुपए का बजट सर्वसम्मति और ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बैठक सभापति रवि जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल और आयुक्त दलीप कुमार मौजूद रहे। परिषद में बजट प्रस्तुत करते हुए विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें दिव्यांगजन पुनर्वास के लिए 50 लाख, गौशाला संचालन व विस्तार के लिए 4 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए 56.73 करोड़, तालाबों के गहरीकरण व सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ और मुक्तिधाम विकास के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है।
हालांकि इस बजट के साथ सबसे ज्यादा चर्चा और आलोचना संपत्तिकर और जलकर में बढ़ोतरी को लेकर हो रही है। परिषद ने दोनों करों में 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया, जिससे आम नागरिकों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ेगा। जबकि निगम ने अग्रिम कर भुगतान पर सीमित छूट (जलकर पर 6% और संपत्तिकर पर 5%) देने की बात कही है, लेकिन महंगाई के दौर में इसे राहत नहीं बल्कि औपचारिक प्रावधान माना जा रहा है। शहर में पहले से ही मूलभूत सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों की गति को लेकर सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में टैक्स बढ़ोतरी को लेकर नागरिकों में असंतोष देखने को मिल सकता है।
बैठक में अन्य प्रस्तावों के तहत बालगढ़ चौराहे का नाम अटल चौक रखने, विभिन्न सड़कों के नामकरण, सामुदायिक भवन निर्माण, कचरा संग्रहण व्यवस्था में सुधार और नए ई-कचरा वाहनों की खरीद जैसे निर्णय भी लिए गए। साथ ही स्पॉट फाइन के दौरान नागरिकों से सम्मानजनक व्यवहार रखने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर बजट भले ही सर्वसम्मति से पारित हो गया हो, लेकिन टैक्स बढ़ाने का फैसला आने वाले समय में निगम के लिए राजनीतिक और जनसंतोष का मुद्दा बन सकता है।
