देवासनगर निगम

देवास निगम परिषद में प्रस्ताव पास, विकास पर सवाल; मल्हारराव पवार की प्रतिमा की मांग ने गर्माई ‘दो रियासतों’ की राजनीति

सदन में धरने पर बैठे कांग्रेस पार्षद, सभापति ने MIC को घेरा; सोलर प्रोजेक्ट और जलप्रदाय अनुबंध समाप्त करने सहित कई प्रस्ताव मंजूर

देवास। नगर निगम परिषद का साधारण सम्मेलन सोमवार, 17 अगस्त को सभापति रवि जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। बैठक में कई प्रशासनिक एवं विकास संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत किए गए, लेकिन सदन के भीतर पार्षद का जमीन पर बैठकर विरोध करना, सांसद प्रतिनिधि की आपत्तियां, वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद की अनुपस्थिति और सभापति द्वारा अपनी ही पार्टी की बहुमत वाली मेयर-इन-काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना ज्यादा चर्चा में रहा। इस बीच सांसद प्रतिनिधि शंभू अग्रवाल द्वारा देवास जूनियर रियासत के महाराज मल्हारराव पवार की प्रतिमा लगाने की मांग ने शहर की पुरानी सीनियर-जूनियर रियासतों से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को भी चर्चा में ला दिया।

बैठक में महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, सांसद प्रतिनिधि शंभू अग्रवाल, नेता सत्तापक्ष मनीष सेन, नेता प्रतिपक्ष श्रीमती अहिल्या पवार और परिषद सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् से हुई। इसके बाद नवनियुक्त एल्डरमैन अर्जुन चौधरी, राजेश यादव, सचिन सोनी, हरीश देवलिया, श्रीमती प्रिया शर्मा, चेतन योगी, दिनेश साखला और संतोष वर्मा का स्वागत किया गया।

इन प्रस्तावों को मिली परिषद की स्वीकृति

सभापति रवि जैन की अनुमति से परिषद सचिव देवबाला पिपलोनिया ने कार्यसूची में शामिल विषयों का वाचन किया। परिषद ने 16 मार्च 2026 को हुई पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की। इसके साथ ही समितियों, आयुक्त और मेयर-इन-काउंसिल की ओर से प्रस्तुत प्रकरणों पर चर्चा कर स्वीकृति दी गई।

नगर निगम का बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश अर्बन कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। शहर की जलप्रदाय व्यवस्था का संचालन कर रही आईएचपी कंपनी का अनुबंध समाप्त करने के लिए मेयर-इन-काउंसिल से अनुशंसित प्रकरण भी परिषद ने स्वीकृत कर दिया।

वार्ड क्रमांक 23 के कालानीबाग ए-सेक्टर स्थित उद्यान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने और उद्यान का नामकरण उनके नाम पर करने का प्रस्ताव पारित हुआ। वार्ड क्रमांक 40 में मां अहिल्या की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।

सदन के बीच जमीन पर बैठे पार्षद डॉ. श्याम पटेल

बैठक के दौरान वार्ड क्रमांक 42 के कांग्रेस पार्षद डॉ. श्याम पटेल अपनी मांगों को लेकर सदन के बीच जमीन पर बैठ गए। इससे बैठक में मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान उनकी ओर चला गया। उन्होंने अपने वार्ड में मुरम और चुरी डलवाने के साथ अन्य विकास कार्य कराने की मांग रखी।

विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि किसी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और विकास कार्य करवाए जाएंगे। हालांकि पार्षद का सदन के बीच बैठकर विरोध करना इस बात का संकेत रहा कि सामान्य प्रक्रिया से अपनी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर परिषद सदस्यों में नाराजगी मौजूद है।

सभापति ने अपनी ही पार्टी की MIC को घेरा

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सभापति रवि जैन का बयान रहा। उन्होंने अपनी ही पार्टी के बहुमत वाली मेयर-इन-काउंसिल पर नए विकास कार्यों के प्रस्ताव परिषद में नहीं भेजने का आरोप लगाया।

आधिकारिक कार्यसूची में सोलर प्रोजेक्ट, जलप्रदाय अनुबंध समाप्त करने और प्रतिमाएं स्थापित करने जैसे MIC से अनुशंसित विषय जरूर शामिल थे, लेकिन नए वार्ड स्तरीय निर्माण एवं विकास कार्यों के पर्याप्त प्रस्ताव नहीं आने का सवाल सभापति ने उठाया।

सभापति के बयान ने नगर निगम के सत्तापक्ष के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया। एक ओर महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल के नेतृत्व वाली मेयर-इन-काउंसिल है और दूसरी ओर सभापति रवि जैन अपनी ही परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। इससे महापौर और सभापति के बीच राजनीतिक दूरी तथा नगर निगम में अलग-अलग शक्ति केंद्र बनने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

दीपेश कानूनगो ने बैठक को बताया औपचारिकता

कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद दीपेश कानूनगो इस बार नगर निगम परिषद की बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बातचीत में आरोप लगाया कि परिषद की बैठक पहले से तय पटकथा के अनुसार चलने वाली औपचारिकता बनकर रह गई है।

उनके अनुसार परिषद में पार्षद सवाल उठाते हैं, सभापति अधिकारियों से काम पूरा होने की समय-सीमा पूछते हैं और अधिकारी अगली बैठक तक काम होने का आश्वासन दे देते हैं, लेकिन कई काम धरातल पर पूरे नहीं होते। कानूनगो का कहना है कि जब परिषद में उठाए गए सवालों और निर्देशों का पालन ही नहीं होता तो बैठक में शामिल होने का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

यह कांग्रेस पार्षद का आरोप है, लेकिन पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों और स्वीकृत प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक नहीं होने से परिषद की जवाबदेही पर सवाल जरूर खड़े होते हैं।

मांगलिया को क्षिप्रा डैम से पानी देने पर आपत्ति

पहली बार सांसद प्रतिनिधि के रूप में परिषद की बैठक में पहुंचे शंभू अग्रवाल ने क्षिप्रा डैम से मांगलिया क्षेत्र को पानी दिए जाने पर सांसद की ओर से आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने स्टेशन रोड स्थित जर्जर आंबेडकर भवन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भवन के लिए सांसद निधि से राशि स्वीकृत होने के बाद भी अब तक टेंडर जारी नहीं किया गया है।

उन्होंने सांसद निधि से स्वीकृत अन्य कार्यों को जल्द पूरा कराने और शहर में देवास जूनियर रियासत के महाराज मल्हारराव पवार की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी।

मल्हारराव पवार की प्रतिमा की मांग के राजनीतिक मायने

देवास का इतिहास किसी एक रियासत तक सीमित नहीं रहा है। देवास कभी दो जुड़वां रियासतों—देवास सीनियर और देवास जूनियर—में विभाजित था। दोनों शाखाओं के अलग-अलग शासक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं थीं।

वर्तमान में देवास के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में राजपरिवार की पहचान मुख्य रूप से सीनियर शाखा से जुड़ी दिखाई देती है। देवास की वर्तमान भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार इसी राजनीतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनके पति स्वर्गीय तुकोजीराव पवार लंबे समय तक देवास के विधायक रहे थे। उनके निधन के बाद गायत्री राजे पवार ने इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया।

दूसरी ओर देवास जूनियर शाखा के उत्तराधिकारी परिवार की स्थानीय सार्वजनिक और राजनीतिक सक्रियता अब सीनियर शाखा की तुलना में बहुत कम दिखाई देती है। इसी कारण लंबे समय से शहर की राजनीति में सीनियर शाखा के राजपरिवार को ही प्रमुख राजपरिवार के रूप में देखा जाता रहा है और राजपरिवार से जुड़ी राजनीतिक तथा सार्वजनिक गतिविधियां भी मुख्यतः इसी केंद्र के आसपास होती रही हैं।

ऐसे समय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के प्रतिनिधि शंभू अग्रवाल द्वारा परिषद के भीतर देवास जूनियर रियासत के महाराज मल्हारराव पवार की प्रतिमा लगाने की मांग केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के सम्मान तक सीमित नहीं दिखाई दे रही। इस मांग ने शहर के सार्वजनिक स्मृति-स्थलों में देवास जूनियर रियासत को भी बराबर स्थान देने का सवाल खड़ा कर दिया है।

राजनीतिक नजरिए से इसे सीनियर शाखा से जुड़े वर्तमान विधायक परिवार के प्रतीकात्मक प्रभाव के सामने जूनियर रियासत की अलग पहचान स्थापित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। यह व्याख्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देवास भाजपा में सांसद और विधायक समर्थक खेमों के बीच मतभेदों की चर्चा पहले से होती रही है। दोनों पक्षों से जुड़े नेताओं के बीच मतभेद पहले भी सार्वजनिक बयानों और विवादों के माध्यम से सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में भी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक के करीबी माने जाने वाले नेताओं के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं, जिसे मीडिया ने भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर देखा था। परिषद के भीतर इस मांग का उठना आने वाले समय में देवास की राजपरिवार-केंद्रित राजनीति को नया मुद्दा दे सकता है।

एमजी रोड का काम 15 दिसंबर तक पूरा करने की समय-सीमा

नेता सत्तापक्ष मनीष सेन ने अधिकारियों और परिषद सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताते हुए एमजी रोड चौड़ीकरण कार्य पूरा होने की समय-सीमा पूछी। आयुक्त ने परिषद को बताया कि एमजी रोड पर चल रहा संपूर्ण काम 15 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लंबे समय से चल रहे निर्माण के कारण व्यापारियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में 15 दिसंबर की समय-सीमा केवल परिषद के रिकॉर्ड तक सीमित न रहे, इसकी नियमित समीक्षा आवश्यक होगी।

सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और पौधारोपण पर चर्चा

पार्षद सोनू परमार ने वार्ड में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने की मांग की। एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह बैस ने वार्डों में सफाई मित्रों की संख्या बढ़ाने का विषय रखा। पार्षद बाली घोसी ने पिछले तीन वर्षों में किए गए पौधारोपण और अपने वार्ड में प्रस्तावित पौधारोपण की जानकारी मांगी।

एमआईसी सदस्य शीतल गेहलोत ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड खरीदने हेतु निविदा बुलाने का सुझाव दिया। सभापति ने संबंधित विभाग को ट्री गार्ड की खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।

पार्षद अजय तोमर ने निर्माण कार्यों के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन कराने और बारिश के कारण हुए गड्ढों को मिक्स मटेरियल से भरने की मांग रखी। सभापति ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का तत्काल निराकरण करने को कहा।

एमआईसी सदस्य गणेश पटेल ने जिन स्थानों पर पक्की सड़क नहीं है, वहां मुरम और चुरी डलवाने की मांग की। सभापति ने आवश्यकता के अनुसार अन्य वार्डों में भी यह व्यवस्था करने के लिए स्वीकृति लेकर निविदा बुलाने के निर्देश सहायक यंत्री सौरभ त्रिपाठी को दिए।

आंगनवाड़ी, सफाईकर्मी और निगम के किराये के वाहनों का मुद्दा

पार्षद श्रीमती रितु सवनेर ने शिक्षा उपकर की राशि से वार्ड में आंगनवाड़ी केंद्र बनवाने की मांग की। सभापति ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने शिक्षा उपकर की राशि से स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जानकारी दी।

पार्षद श्रीमती दिव्या नितिन आहूजा ने आउटसोर्स व्यवस्था से सफाई मित्रों की संख्या बढ़ाने, भूपेश ठाकुर ने सड़क रेस्टोरेशन जल्द पूरा कराने और खुशबू निलेश वर्मा ने नगर निगम में किराये पर लगाए गए वाहनों की जानकारी मांगी। राजा अकोदिया ने यूनिक पोलों पर प्रचार-प्रसार में हुए व्यय का विवरण मांगा।

निधि प्रवीण वर्मा, महेश फुलेरी, विकास जाट और आलोक साहू ने भी अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने परिषद में प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए। मैरिज गार्डनों से वसूले जाने वाले संपत्तिकर को लेकर पूछे गए सवालों पर राजस्व अधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव ने जानकारी दी।

एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह बैस ने दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमित करने की मांग की। सभापति ने नियमानुसार प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रस्तावों की सफलता अब क्रियान्वयन से तय होगी

आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार बैठक में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए और अधिकारियों को अनेक निर्देश दिए गए। इसके बावजूद परिषद के भीतर सामने आए विरोध और राजनीतिक आरोप बताते हैं कि असली सवाल प्रस्ताव पास होने का नहीं, बल्कि उन्हें निर्धारित समय में जमीन पर उतारने का है।

सोलर प्रोजेक्ट से नगर निगम का बिजली खर्च वास्तव में कितना कम होगा, आईएचपी का अनुबंध समाप्त होने के बाद शहर की जलप्रदाय व्यवस्था कौन और किस तरह संभालेगा, सांसद निधि से स्वीकृत आंबेडकर भवन का टेंडर कब होगा, एमजी रोड का काम 15 दिसंबर तक पूरा होगा या नहीं और पार्षदों की वार्ड संबंधी मांगों पर वास्तविक काम कब शुरू होगा—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले महीनों में नगर निगम को देने होंगे।

फिलहाल परिषद की बैठक में प्रस्ताव भी पास हुए, निर्देश भी दिए गए और समस्याएं भी उठाई गईं। लेकिन पार्षद का सदन के बीच बैठना, वरिष्ठ पार्षद का बैठक से दूरी बनाना, सभापति का अपनी ही पार्टी की मेयर-इन-काउंसिल पर सवाल उठाना और सांसद प्रतिनिधि द्वारा जूनियर रियासत के महाराज की प्रतिमा की मांग करना यह संकेत देता है कि देवास नगर निगम में विकास की बहस के साथ भाजपा की आंतरिक तथा राजपरिवार-केंद्रित राजनीति भी तेज हो रही है।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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