
ऋतुराज सिंह सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाए गए, पुनीत गहलोत पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजे गए; चंदाना–बिंजाना में मौतों की जांच के बीच प्रशासनिक फेरबदल
देवास। चंदाना–बिंजाना में मौतों और कथित जहरीली शराब प्रकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, दोनों के तबादले कर दिए हैं। सिवनी कलेक्टर नेहा मीना अब देवास की नई कलेक्टर होंगी, जबकि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को देवास का नया SP बनाया गया है।
27 अक्टूबर को जारी आदेशों में कलेक्टर ऋतुराज सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और SP पुनीत गहलोत को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदस्थ किया गया है। दोनों तबादले शराब प्रकरण की जांच और राजनीतिक विरोध के बीच हुए हैं। हालांकि, आदेशों में तबादलों का कारण नहीं बताया गया है।
चंदाना–बिंजाना की मौतों से शुरू हुआ विवाद
चंदाना और बिंजाना में लगातार मौतों के बाद कथित जहरीली शराब का मामला उठा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। पटवारी ने चंदाना और आसपास 22 मौतों तथा 40 लोगों की आंखों की रोशनी जाने का दावा करते हुए कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की थी।
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने अपने पूर्व प्रेस नोट में इन दावों और आंकड़ों को भ्रामक बताया था। प्रशासन का कहना था कि शिकायत वाली शराब जांच में जहरीली नहीं मिली। मौतों की संख्या और उनके शराब से संबंध को लेकर राजनीतिक दावों तथा प्रशासन के पक्ष में अंतर है।
पांच सदस्यीय दल को 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
उज्जैन संभागायुक्त ने प्रकरण की जांच के लिए अपर कलेक्टर उज्जैन प्रथम कौशिक की अध्यक्षता में संयुक्त दल गठित किया है। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामसनेही मिश्रा, एसडीओपी लेखराज मीणा, उप आबकारी आयुक्त हर्षवर्धन राय और क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक डॉ. दीपक कुमार पिप्पल शामिल हैं।
दल को मृत्यु के कारणों, परिस्थितियों और तकनीकी व प्रशासनिक तथ्यों की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।
विनोद जायसवाल सहित 10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना के दो व्यक्तियों की मृत्यु की सूचना पर सिविल लाइन थाने में मर्ग दर्ज किए गए। जांच में परिजनों और अन्य लोगों ने विनोद जायसवाल द्वारा अवैध शराब बेचने की जानकारी दी।
26 अक्टूबर को नाकाबंदी में विनोद जायसवाल, अजय राठौर और रामेश्वर सोनगरा को वरना कार से पकड़ा गया। कार्रवाई और पूछताछ के बाद कुल 10 गिरफ्तारियां हुईं। पुलिस ने 54 लीटर देशी शराब, कार, 10 मोबाइल और 10 हजार रुपये नकद सहित लगभग 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त किया।
गिरफ्तार आरोपियों में विनोद जायसवाल, अजय उर्फ अज्जु राठौर, नितिन सोलंकी, चन्द्रशेखर बैरागी, सत्येन्द्र ओझा, राजदेव पटेल, जुगल सिंह, राजेन्द्र निनामा, विशाल चौहान और रामेश्वर सोनगरा शामिल हैं। इनमें शराब दुकानों के मैनेजर और सेल्समैन भी हैं।
गिरफ्तारियां अवैध शराब से संबंधित आबकारी अधिनियम के प्रकरण में हुई हैं। पुलिस प्रेस नोट में जब्त शराब के जहरीली होने या उसका मौतों से संबंध होने की पुष्टि नहीं की गई है।
उमंग सिंघार ने मांगा 25–25 लाख रुपये मुआवजा
26 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी चंदाना पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा की और पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने की मांग की।
सिंघार ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। उनके दौरे के दौरान कांग्रेस विधायक दल की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये सहायता देने की जानकारी भी सामने आई।
जांच के बीच बदली जिले की दोनों प्रमुख जिम्मेदारियां
पीड़ित परिवारों से नेताओं की मुलाकात, अवैध शराब के मामले में गिरफ्तारियों और संयुक्त जांच दल के गठन के बाद अब जिले की दोनों प्रमुख प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। नेहा मीना और आदित्य मिश्रा को ऐसे समय देवास की कमान दी गई है, जब चंदाना–बिंजाना प्रकरण में मौतों के वास्तविक कारणों, अवैध शराब की आपूर्ति और प्रशासनिक निगरानी से जुड़े सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।



