
देवास। चंदाना और बिंजाना में शराब पीने के बाद हुई संदिग्ध मौतों की जांच इंदौर के केमिकल कारोबार तक पहुंच गई है। पुलिस ने नकली शराब बनाने में इस्तेमाल किए गए केमिकल की सप्लाई के आरोप में इंदौर के होलसेल व्यापारी अमन कासलीवाल को गिरफ्तार किया है। अमन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल का बेटा है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय राठौर ने अमन की दुकान से केमिकल खरीदा था। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
उधर, आनंद कासलीवाल ने अपने बेटे पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि पेंट थिनर पक्के बिल पर बेचा गया था। खरीदार ने उसका दुरुपयोग किया तो उसके लिए विक्रेता को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
इंदौर से खरीदे गए केमिकल से जुड़ी जांच की कड़ी
कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक, आरोपी अजय राठौर ने इंदौर के दवा बाजार स्थित अमन कासलीवाल की दुकान से केमिकल खरीदा था। पुलिस का आरोप है कि खरीदार से उसके इस्तेमाल की जानकारी लिए बिना केमिकल बेचा गया। इसी के आधार पर अमन को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, अजय ने 1 अक्टूबर को इंदौर की लोहा मंडी स्थित महावीर मार्केट के गोदाम में केमिकल मंगवाया था। इसकी बुकिंग दवा बाजार स्थित गोदाम संचालक के कार्यालय से की गई थी। पुलिस अब खरीद, सप्लाई और नकली शराब तैयार करने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
दो ठिकानों पर नकली शराब तैयार करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अजय राठौर और उसके साथी गोविंद से जुड़े दो मकानों पर केमिकल में मिलावट कर नकली शराब तैयार की गई। इसके बाद उसे लाइसेंसी शराब जैसी दिखने वाली बोतलों में भरा गया और असली शराब के साथ अवैध रूप से बेचा गया।
थाना प्रभारी के अनुसार, अजय राठौर ने विनोद जायसवाल की मदद से चंदाना और बिंजाना में मिलावटी शराब की सप्लाई की थी। विनोद पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि शराब किन-किन स्थानों पर बेची गई और इस कारोबार में अन्य कौन लोग शामिल थे।
13 संदिग्ध मौतें, कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की जानकारी
चंदाना और बिंजाना में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच शराब पीने के बाद 13 मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की जानकारी सामने आई थी। कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई। पीड़ित परिवार लगातार शराब को मौतों की वजह बताते रहे हैं।
पुलिस ने केमिकल की खरीद, उससे मिलावटी शराब तैयार करने और गांवों तक उसकी सप्लाई की कड़ियां सामने आने के बाद मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए भी जोड़ी है। मौतों के कारण, शराब में मिले पदार्थ और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।
आनंद कासलीवाल बोले—पक्के बिल पर बेचा था पेंट थिनर
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने अपने बेटे का पक्ष रखते हुए कहा कि पेंट थिनर पक्के बिल पर बेचा गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि खरीदार ने उसका गलत इस्तेमाल किया तो उसके लिए विक्रेता कैसे जिम्मेदार हो सकता है। उन्होंने नकली केमिकल बेचने के आरोपों को भी निराधार बताया है।
दूसरी ओर, पुलिस का आरोप है कि केमिकल बेचते समय उसके उपयोग की जानकारी नहीं ली गई। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
कलेक्टर और एसपी के तबादले, तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
शराब कांड के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। देवास कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के तबादले किए गए हैं। इसके अलावा तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
मामले में अमन कासलीवाल का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रायसिंह सेंधव ने केमिकल सप्लाई के आरोपों को लेकर कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
सांसद और विधायक ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी ने बुधवार को चंदाना पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। दोनों ने शासन की ओर से उचित सहायता दिलाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद वे अमलतास अस्पताल पहुंचे और उपचाररत युवक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से चर्चा कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कहा।
सप्लाई नेटवर्क और जिम्मेदारी से जुड़े सवाल बाकी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब की सप्लाई कब से चल रही थी, कितने इलाकों तक पहुंची और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। मृतकों द्वारा पी गई शराब, जांच के लिए लिए गए नमूनों और बरामद केमिकल के बीच संबंध की स्पष्टता भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरोपियों की भूमिका और मौतों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर सामने आएंगे।



