देवास

ड्राइवरों का स्टेरिंग छोड़ो आंदोलन 1 जनवरी से, नए कानून का विरोध कर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

देवास। ऑल ड्राइवर कल्याण संघ भारत के बैनर तले सर्व चालक कल्याण संघ देवास के ड्राइवरों ने गुरूवार को नारेबाजी कर कलेक्टर कार्यालय में 29 सूंत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, सडक़ परिवहन मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा एवं आवेदन की प्रतिलिपि पोस्ट ऑफिस के जरिए भेजी।

संघ जिलाध्यक्ष सुभाषपुरी गोस्वामी ने बताया कि 1 जनवरी 2024 को सभी ड्राइवर स्टीयरिंग छोड़ों ऐतिहासिक आंदोलन आगाज मांगे पूरी नही होने पर किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा नया कानून  लागू किया गया है, जिसमें दुर्घटना में मृत होने पर ड्राइवरों को 2 साल की सजा बढ़ाकर 10 साल की सजा एवं 5 लाख रूपए दण्ड भरने का प्रावधान किया गया है। उक्त निर्णय से देश सहित प्रदेशभर के ड्राइवरों में आक्रोश व्याप्त है। ड्राइवरों की मांग है कि उक्त नए कानून को लागू नही किया जाए। देश के 22 करोड़ चालकों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग प्रदेश चालक आयोग का गठन किया जाए। एक दशक से राष्ट्र भर में प्रतिवर्ष 1 सितम्बर को राष्ट्रीय चालक दिवस मनाया जाता है।

इसी दिन को सरकार की और से राष्ट्रीय चालक दिवस की घोषणा कर सरकारी कैलेंडर में इसे लागू किया जाए। सभी वाहन चालकों को समान वेतन के तहत नियमितीकरण किया जाए। साथ ही निजी ऐप बेस कंपनियों को सरकारी कानून के अधीन ही संचालन किया जाए। सभी कमर्शियल वाहनों पर लगने वाला राज्यों का टैक्स एक समय पर ही कर रोड टैक्स बंद करने नेशनल हाईवे पर तथा स्टेट हाईवे पर एंबुलेंस की सुविधा और बड़ाई जाने जैसी प्रमुख मांगें रखी गई है आदि अन्य मांगे शामिल है। ड्राइवरों ने चेतवानी दी है कि यदि 31 दिसम्बर 2023 तक मांगे नहीं मानी जाती है तो प्रदेशभर के ड्राइवर 1 जनवरी से स्टेरिंग छोड़ों आंदोलन शुरू करते हुए अपना वाहन चलाना बंद कर देंगे। जिससे प्रदेश सहित देश की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान कुछ भी अनहोनी होती है तो इसका जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर अनिल मालवीय, राजेश राठौर, दीपक चौरसिया, संजू कुशवाह, पप्पू कुशवाह, दिनेश पटेल, हातम पटेल, लक्ष्मण चौधरी, रूपेश यादव, शाहरूख पटेल, रामेश्वर इरावलिया सहित बड़ी संख्या में जिलेभर ड्राइवर उपस्थित थे।

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