
देवास कन्नौद। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में रसायन शास्त्र के शिक्षक जुज़र अली रंगवाला की एक शर्मनाक हरकत सामने आई है। उन्होंने महाविद्यालय में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं द्वारा बनाई गई राम-कृष्ण थीम आधारित रंगोली को अपने पैरों से मिटा दिया। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही छात्रों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे महाविद्यालय से निष्कासित कर दिया है।
रंगोली मिटाने का वीडियो वायरल, छात्रों में आक्रोश
महाविद्यालय में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने भगवान राम और कृष्ण की सुंदर रंगोली बनाई थी। लेकिन आरोपी प्रोफेसर ने इसे पैरों से मिटा दिया, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं ने विरोध जताया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद महाविद्यालय में हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रों और स्थानीय संगठनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सोशल मीडिया पर भी भारत विरोधी बयान
यह पहली बार नहीं है जब आरोपी प्रोफेसर ने आपत्तिजनक हरकत की हो। सोशल मीडिया पर भी वह लंबे समय से भारत विरोधी बयान दे रहा था। हाल ही में उसने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति भारतीय नागरिकता छोड़कर न्यूजीलैंड की नागरिकता लेता है और खुशी से नाचता है। इस पर टिप्पणी करते हुए आरोपी प्रोफेसर ने भारत को ‘नरक’ बताया और लिखा, “नरक छोड़कर आदमी जाएगा तो नाचेगा ही।”
इसके अलावा, आरोपी ने पहले भी भारत और स्थानीय नागरिकों को लेकर विवादित बयान दिए हैं, जिससे कई बार लोग आहत हुए हैं।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, मंत्री ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर जुज़र अली रंगवाला के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। कलेक्टर के निर्देश पर उसे महाविद्यालय से भी हटा दिया गया है।
इस घटना की गूंज प्रदेश स्तर तक पहुंच गई है। प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा,
“इस तरह की भारत विरोधी मानसिकता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।”
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में आक्रोश
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार की मानसिकता वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नए नियम बनाए जाएं।


