देवासधर्म संकृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग का समारोप कार्यक्रम सम्पन्न


देवास। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग, प्रथमवर्ष (व्यवसायी) का समारोप कार्यक्रम मंगलवार शाम कुशाभाऊ स्टेडियम में संपन्न हुआ। समारोप कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के उद्योगपति गिरीश मंगला, मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, वर्ग के सर्वाधिकारी चोकसिंह निनामा एवं माननीय जिला संघचालक मनोहरजी विश्वकर्मा मंचस्थ थे।

समारोप कार्यक्रम में ध्वजारोहण के पश्चात् संघ की प्रार्थना हुई। घोष की विभिन्न रचनाओं के साथ संचलन ने सभी का मनमोह लिया। संघ की सांघिकता एवं अनुशासन की प्रतीक समता, बिना शस्त्र के युद्ध की कला नियुद्ध, संघ में नवीन यष्टि के आघात एवं अवरोध, दण्डयुद्ध के विभिन्न प्रयोगों, एकाग्रता और चपलता का समन्वित रूप पदविन्यास, सम्पूर्ण विश्व को भारत की अनुपम देन योग, समन्वय और विश्वास का प्रतीक मनोरा (पिरामिड), भारतीय संगीत की रचनाओं पर घोषदल, सामूहिक दण्डसंचालन, दण्डयोग, व्यायाम योग एवं सामूहिक गीत का प्रदर्शन सभी शिक्षार्थियों ने किया। सामूहिक गीत के पश्चात् मध्यक्षेत्र कार्यवाह श्री अशोकजी अग्रवाल ने अपने संबोधन में संघ एवं समाज कार्य में संघशिक्षा वर्ग के महत्त्व को प्रतिपादित किया। श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन को छत्रपति शिवाजी महाराज, महर्षि दयानंद सरस्वती एवं भगवान महावीर स्वामी के प्रेरक स्मरण से किया। राष्ट्र के निर्माण और विकास में स्वबोध अनिवार्य आवश्यकता है। संघ इसी स्वबोध के भाव का जागरण करने का कार्य अपने स्थापना काल से कर रहा है। समाज जागरण का यह कार्य संघ के कार्यकर्ता करते है, इन कार्यकर्ताओं का निर्माण संघ की शाखाओं के माध्यम से होता है। यही कार्यकर्ता समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर ले जाने के संकल्प से कार्य कर रहे है। शाखा और कार्यकर्ता निर्माण में संघ के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों का विशेष महत्व है। संघ की शाखा और प्रशिक्षण वर्ग व्यक्ति निर्माण होता है। एक लाख से अधिक सेवाकार्य, संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा संपादित हो रहे है। हमारा स्वत्व विश्व का  कल्याण करने वाला है। अत: स्वबोध के जागरण का उद्देश्य राष्ट्र का विकास और पुरे विश्व का कल्याण है। श्री अग्रवाल ने पुरे समाज का समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के पालन का आह्वान किया ।


      वर्ग के प्रतिवेदन के वाचन में वर्ग कार्यवाह शैलेंद्र जी सोनी ने बताया कि यह संघ शिक्षा वर्ग 17 मई से प्रारंभ हुआ था एवं सात जुन को प्रात: दीक्षांत कार्यक्रम के बाद समाप्त हो रहा है। वर्ग में संघ रचना मालवा प्रांत के 28 जिलों के 233 स्थानों से 328 शिक्षार्थियों ने कठोर दिनचर्या का पालन करते हुए संघ शिक्षण प्राप्त किया। प्रात: 4:15 बजे से रात्रि 10:15 तक पूर्व निर्धारित योजनानुसार विभिन्न शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों में संघ की रीति-नीति और सामूहिक कार्य करने की पद्धति का प्रशिक्षण शिक्षार्थियों ने लिया। शिक्षार्थियों ने सेवा कार्य के अंतर्गत श्रम साधना, प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण आदि का अनुभव प्राप्त किया। प्रचार विभाग अंतर्गत के जागरण पत्रिका, रिपोर्टिंग, साहित्य प्रसार, नागरिक पत्रकारिता तथा सोशल मीडिया का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षार्थियों को 35 शिक्षकों तथा क्षेत्रीय एवं केंद्रीय अधिकारियों ने शिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। शिक्षा वर्ग संचालन हेतु व्यवस्था विभाग द्वारा 30 प्रकार की व्यवस्थाओं का संचालन किया गया। कुल 12 स्थानों से 120 व्यवस्थापकों ने निरंतर कार्य किया।इस संघ शिक्षा वर्ग में भाग लेने वाले शिक्षाथियो में 27 शिक्षक, 34 कर्मचारी,14 अधिवक्ता, 125 कृषक, 97 व्यवसायी, 06 चिकित्सक को प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ग की भोजन व्यवस्था हेतु प्रतिदिन देवास नगर एवं आसपास के ग्रामों के सभी समाजों से से रोटियों का संग्रह किया गया। कुल 12 हजार परिवारों से एक लाख बीस हजार रोटियों का संग्रह किया गया। संघ शिक्षा वर्ग में विशेष प्रयोग के अंतर्गत 292 परिवारों ने स्वयं उपस्थित होकर शिक्षार्थियों को अपने परिवार सहित शिक्षार्थियों के साथ भोजन किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने हेतु वर्ग  संचालन टोली द्वारा आए हुए प्रत्येक परिवार को एक तुलसी का पौधा भेंट किया गया । शिक्षण के इसी क्रम में समस्त शिक्षार्थियों ने एक दिन क्षेत्र के 102  ग्रामों में ग्राम दर्शन का अनुभव लिया तथा वहाँ ग्रामीणों से संवाद करते हुए शाखा भी लगाई और एक पीपल का पौधा गाँव में ही रोपा व श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का उत्सव भी मनाया।

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