देवासधर्म संकृति

विहिप द्वारा जाहरवीर गोगादेव जी के निशानों का पूजन कार्यक्रम सम्पन्न, सभी समाजों के लोगों ने एकजुट होकर की पूजा


देवास।
 विश्व हिंदू परिषद  देवास द्वारा जाहरवीर गोगादेव जी के निशानों के सामूहिक पूजन का कार्यक्रम विक्रम सभा भवन जवाहर चौक में रखा गया। जिसमें वाल्मीकि समाज द्वारा स्थापित 12 निशानों का स्वागत एवं पूजन हिंदू समाज के सभी वर्गों द्वारा किया गया।

पूजन कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज, जैन समाज, कायस्थ समाज, मराठा समाज, गवली समाज, राजपूत समाज, रजक समाज, पंचाल समाज, सिंधी समाज, दर्जी समाज, विजयवर्गीय समाज, माहेश्वरी समाज, चित्तौड़ा समाज, वैश्य समाज, मां चामुंडा पुजारी समिति, नाथ संप्रदाय, पोरवाल समाज आदि ने शामिल होकर विधि विधान से निशानों का पूजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह शैलेंद्र जी सोनी ने गोगादेव जी के जीवन पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री नंद दास जी दंडोतिया ने कहा कि हिंदू समाज मैं कहीं भी जाति आधारित प्रथा न होते हुए कर्म आधारित प्रथा थी। सभी जाति समाज ने देश की आजादी अक्षुण्ण रखने के लिए अपने अपने-अपने देवी देवता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज पुन: भारत वर्ष की अखंडता बनाए रखने के लिए हमें आवश्यकता है कि हम सभी पुन: अपने देवी देवताओं को जो की अलग-अलग समाज धर्म की एक ही है अर्थात कई वर्षों पूर्व हम सब एक थे। उनके सानिध्य में एकजुट होकर देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का संकल्प ले। कश्मीर में एक समय वहां रहने वाले सभी हिंदुओं ने तय करके अपने आप को कश्मीरी पंडित मानते हुए एक पंथ व एक देवी की पूजा की। इसके कारण संपूर्ण कश्मीर में मुस्लिम बाहुल्य होने के बाद भी देश आजाद होने तक डोगरा राजाओं  ने वहां पर शासन किया। विश्व हिंदू परिषद अपने संपूर्ण प्रयासों से देश को परम वैभव पर ले जाने के लिए सभी जाति पन्थो  के देवी देवताओं का सामूहिक पूजन सामाजिक समरसता के लिए करता है। आज हमारा सौभाग्य है कि हम सभी हिंदुओं समाज के जाति पन्थो के  द्वारा भगवान गोगादेव की निशानों का पूजन अर्चन कर रहे हैं।

कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों ने सामूहिक आरती कर प्रसाद एवं स्वल्पाहार किया। उक्त जानकारी जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख धीरज सेन ने दी।

Sneha
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