
देवास। शासकीय काम में लापरवाही और अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इनमें नितिन विश्वकर्मा, अजय नागर और विशाल टईया शामिल हैं। तीनों को एक माह का अग्रिम वेतन देकर सेवा से अलग करने के आदेश जारी किए गए हैं।
नितिन विश्वकर्मा सोनकच्छ तहसील के घिचलाय हल्के में, अजय नागर देवास ग्रामीण तहसील के हल्का क्रमांक 103 में और विशाल टईया टोंकखुर्द तहसील में पदस्थ थे। इनकी नियुक्ति फरवरी 2024 में तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर हुई थी। यानी नियुक्ति के शुरुआती तीन वर्षों में इनके काम और आचरण का मूल्यांकन किया जाना था।
स्वामित्व योजना के काम में नहीं हुई प्रगति
प्रशासन के अनुसार, तीनों पटवारियों ने स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन के काम में कोई प्रगति नहीं की। शासकीय काम में असहयोग और विरोध का रवैया भी सामने आया। पिछले छह महीने में राजस्व वसूली का काम भी बेहद असंतोषजनक पाया गया।
नोटिस के जवाब भी संतोषजनक नहीं मिले
जांच और एसडीएम की रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित पटवारी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी कर रहे थे। वे अपने हल्के में निवास नहीं कर रहे थे और समय पर शासकीय उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा रहे थे।
इन मामलों में संबंधित एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। पटवारियों के जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की अनुशंसा कलेक्टर को भेजी गई।
अभिलेखों और जवाबों की जांच के बाद कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों और नियुक्ति की परिवीक्षा संबंधी शर्तों के तहत तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया है।


