देवास से इंदौर का बस किराया बढ़ा, अब करीब 75 रुपए लगेंगे

रोज अप-डाउन करने वालों को महीने में लगभग 1300 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे, हड़ताल की चेतावनी के बाद सरकार ने बढ़ाया किराया
देवास। देवास से इंदौर के बीच निजी बसों से सफर करना अब महंगा हो गया है। प्रदेश सरकार ने सामान्य यात्री बसों का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपए प्रति किलोमीटर कर दिया है। नई दर के अनुसार देवास से इंदौर का किराया अब करीब 74 से 76 रुपए हो सकता है। अभी तक इस रूट पर यात्रियों से लगभग 50 रुपए लिए जा रहे थे।
देवास से इंदौर की दूरी करीब 37 से 38 किलोमीटर है। इस हिसाब से यात्रियों को एक तरफ की यात्रा के लिए करीब 25 रुपए ज्यादा देने होंगे। यात्री बस में कहां से बैठता है और इंदौर में कहां उतरता है, इसके आधार पर किराए में एक-दो रुपए का अंतर हो सकता है।
रोज आने-जाने वालों पर ज्यादा असर
देवास से बड़ी संख्या में लोग नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और इलाज के लिए रोज इंदौर जाते हैं। किराया बढ़ने का सबसे ज्यादा असर इन्हीं यात्रियों पर पड़ेगा। अब देवास से इंदौर जाकर वापस आने में करीब 150 रुपए खर्च होंगे। पहले यह खर्च लगभग 100 रुपए था।
इस तरह रोज अप-डाउन करने वाले व्यक्ति को हर दिन करीब 50 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे। महीने में 26 दिन यात्रा करने पर अतिरिक्त खर्च लगभग 1300 रुपए हो जाएगा। कम वेतन वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए यह रकम काफी मायने रखती है।
देवास के कई विद्यार्थी इंदौर के कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ते हैं। इसी तरह निजी कंपनियों, दुकानों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी भी बसों से आना-जाना करते हैं। ट्रेन का समय सभी के लिए सुविधाजनक नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग बसों पर ही निर्भर हैं।
हड़ताल की चेतावनी के बाद फैसला
पिछले दिनों मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी थी। बस संचालकों ने सरकार को 7 अगस्त तक का समय दिया था। मांगों पर फैसला नहीं होने पर 8 अगस्त से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन बंद करने की बात कही गई थी।
इसके बाद सरकार ने 5 अगस्त को राजपत्र जारी कर सामान्य बसों का अधिकतम किराया 2 रुपए प्रति यात्री प्रति किलोमीटर कर दिया। न्यूनतम टिकट 10 रुपए रखा गया है।
बस संचालकों ने बताया खर्च बढ़ने का कारण
बस संचालकों का कहना है कि वर्ष 2021 के बाद किराया नहीं बढ़ाया गया था। इस दौरान डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट, फिटनेस, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन का खर्च काफी बढ़ गया।
एसोसिएशन ने किराया 2.50 रुपए प्रति किलोमीटर करने की मांग की थी। सरकार ने इसे 2 रुपए प्रति किलोमीटर किया है। इससे बस संचालकों को राहत मिली है, हालांकि उनकी पूरी मांग स्वीकार नहीं हुई है।
किराए के अलावा बस संचालकों की कुछ अन्य मांगें भी बाकी हैं। इसलिए प्रस्तावित हड़ताल को लेकर एसोसिएशन की औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
दूसरी श्रेणी की बसों का किराया ज्यादा
नई व्यवस्था में नॉन-एसी डीलक्स बस सामान्य किराए से 25 प्रतिशत, स्लीपर बस 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बस 50 प्रतिशत और एसी सुपर लग्जरी बस 75 प्रतिशत तक अधिक किराया ले सकेगी। रात में चलने वाली सामान्य बसों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त किराया लिया जा सकेगा।
हालांकि देवास और इंदौर के बीच रोज चलने वाले अधिकतर यात्री सामान्य बसों का ही उपयोग करते हैं। इसलिए इस रूट पर सामान्य किराए की बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा।
किराया बढ़ा है तो सुविधाएं भी बढ़नी चाहिए
सरकार के फैसले से बस संचालकों को राहत मिली है, लेकिन इसका बोझ सीधे यात्रियों पर पड़ा है। अब यात्रियों की उम्मीद है कि किराया बढ़ने के साथ बसों की हालत और सुविधाओं में भी सुधार किया जाए।
देवास-इंदौर रूट पर बसों में क्षमता से ज्यादा यात्री बैठाने, जगह-जगह बस रोकने, खराब सीटों और समय का पालन नहीं करने की शिकायतें आम हैं। यात्रियों को निर्धारित किराए का टिकट मिले और उनसे मनमानी राशि नहीं ली जाए, इसकी निगरानी परिवहन विभाग को करनी होगी।

