
गोबर की टोकरी उठवाने के बहाने खेत की टापरी में ले गया था आरोपी, अदालत ने लगाया 20 हजार रुपए का जुर्माना
देवास। जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र में कक्षा छठी की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सतीश पिता लक्ष्मण मौर्य (23), निवासी ग्राम चंदुपुरा पर अलग-अलग धाराओं में कुल 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
उपनिदेशक अभियोजन जीपी घाटिया ने बताया कि घटना के दिन स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़िता खेत पर मक्के के दाने बीनने गई थी। शाम करीब पांच बजे घर लौटते समय गांव का सतीश मौर्य उसे रास्ते में मिला। उसने गोबर की टोकरी उठवाने के बहाने छात्रा को खेत में बनी टापरी की ओर बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी के चंगुल से छूटने का प्रयास करने पर उसने पीड़िता का मुंह और गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने के बाद घायल अवस्था में घर पहुंची छात्रा ने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उदयनगर थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 466/2025 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, बागली की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सतीश मौर्य को दोषी पाया। अदालत ने बीएनएस की धारा 65(2) के तहत शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत भी शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
यह मामला गंभीर, जघन्य और सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिह्नित किया गया था। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरोत्तम कौरव और अतिरिक्त लोक अभियोजक अखिलेश मंडलोई ने पैरवी की।

