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देवास क्या नए नगर निगम आयुक्त समंदडिया बिल्डर से काम करवा पाएंगे?

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देवास, 25 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री अधोसंरचना शहरी योजना और पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत देवास में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने 24 सितंबर को निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में इन योजनाओं की समीक्षा की, जिसमें इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के पहले और दूसरे चरण के कार्यों के साथ-साथ अमृत-2.0 जल वितरण योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से समंदडिया बिल्डर ग्रुप की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे, क्योंकि इस ग्रुप ने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में दो साल से अधिक की देरी की है।

आईएसबीटी प्रथम चरण: 80% कार्य पूर्ण, शेष में देरी

आईएसबीटी के पहले चरण में बस टर्मिनल, आंतरिक सड़कें, स्टॉर्म वॉटर सप्लाई, जल आपूर्ति और सीवरेज जैसे कार्य शामिल हैं। आयुक्त को बताया गया कि इनमें से 80% कार्य पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन बाकी 20% कार्य, जैसे टर्मिनल शेड्स का निर्माण, प्रशासनिक भवन की रंगाई-पुताई और अन्य छोटे कार्य, अभी भी लंबित हैं। निर्माण और कंसल्टेंट फर्म मेहता एंड एसोसिएट्स के प्रतिनिधियों ने प्रगति की जानकारी दी। आयुक्त ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

आईएसबीटी दूसरा चरण: समंदडिया बिल्डर की देरी से रुके कार्य

आईएसबीटी के दूसरे चरण के कार्य समंदडिया बिल्डर, देवास को सौंपे गए हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट भारी देरी का शिकार है। बैठक में समंदडिया बिल्डर के प्रतिनिधि और तकनीकी प्रमुख प्रमोद बराडिया ने बताया कि भूमि आवंटन में देरी के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रुप ने पुनर्घनत्वीकरण योजना के नाम पर सरकारी जमीन तो हासिल कर ली, लेकिन आईएसबीटी के अलावा कलेक्टर कार्यालय जैसे अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में भी दो साल से अधिक की देरी हो चुकी है। हाल ही में कलेक्टर के दौरे के समय हड़बड़ी में कुछ दिखावटी काम शुरू किए गए, लेकिन वास्तविक प्रगति न के बराबर है।

आयुक्त ने जिला प्रशासन को तुरंत जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने और समंदडिया बिल्डर को कार्य शुरू करने के लिए कहा। साथ ही, भगवती द्वार सराय और जवाहर नगर में प्रस्तावित जोनल कार्यालय के निर्माण को जनवरी 2026 तक और समग्र आईएसबीटी प्रोजेक्ट को मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। लेकिन समंदडिया ग्रुप के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए, जहां देरी के कई आरोप लग चुके हैं, शहरवासियों में संदेह है कि क्या ये समयसीमाएं पूरी हो पाएंगी।

अमृत-2.0 जल वितरण योजना: 55% कार्य पूर्ण, भूमि आवंटन में अड़चन

अमृत-2.0 योजना के तहत जल वितरण प्रोजेक्ट की समीक्षा में कार्यपालन यंत्री इंदुप्रभा भारती ने बताया कि 55% कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी), ओवरहेड टैंक और जल वितरण पाइपलाइन के कार्य मार्च 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है। हालांकि, भूमि आवंटन में देरी के कारण इस प्रोजेक्ट में भी विलंब हुआ है। आयुक्त ने समयसीमा में कार्य पूरा करने और आम नागरिकों के लिए नल कनेक्शन प्रदान करने के निर्देश दिए।

आयुक्त की सख्ती, लेकिन चुनौतियां बरकरार

नए आयुक्त दलीप कुमार ने सभी निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी कि समयसीमा का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने समंदडिया बिल्डर सहित सभी ठेकेदारों और तकनीकी कर्मचारियों को कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा। बैठक में उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया, जाकिर जाफरी, आरती खेडेकर, वित्त उपायुक्त दीपक पटेल, कार्यपालन यंत्री इंदुप्रभा भारती, जगदीश वर्मा और सहायक यंत्री दिनेश चौहान समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि नए आयुक्त के नेतृत्व में ये प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होंगे, लेकिन समंदडिया बिल्डर की देरी और अन्य प्रशासनिक अड़चनों के चलते विकास कार्यों की राह आसान नहीं दिख रही। क्या आयुक्त इस चुनौती से पार पा सकेंगे, यह आने वाला समय बताएगा।