देवास में सड़क पर गाय छोड़ने पर ₹1,500 जुर्माने के निर्देश, लेकिन धरातल पर कार्रवाई कब?

नगर निगम की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने पशुपालकों पर सख्ती के निर्देश दिए; पहले के आदेशों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा प्रेस नोट में नहीं, अमल को लेकर उठे सवाल
देवास। सड़कों पर गाय छोड़ने वाले पशुपालकों पर प्रति गाय 1,500 रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश नगर निगम ने एक बार फिर दिए हैं। निगमायुक्त दलीप कुमार ने 29 सितंबर को निगम बैठक हाल में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों से पशुपालकों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा। हालांकि, ऐसे निर्देश पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि इस बार सड़कों पर बदलाव दिखाई देगा या आदेश बैठकों और प्रेस नोट तक ही सीमित रह जाएगा?
पहले के निर्देशों पर कितनी कार्रवाई हुई?
नगर निगम के सामने चुनौती केवल जुर्माने की घोषणा करना नहीं, बल्कि उसे लागू करना है। जारी प्रेस नोट में यह जानकारी नहीं दी गई है कि पहले सड़क पर गाय छोड़ने वाले कितने पशुपालकों को चिह्नित किया गया, कितनों के चालान बने और कितना जुर्माना वसूला गया।
कार्रवाई का ब्योरा सामने नहीं होने से निर्देशों के असर का आकलन करना मुश्किल है। निगम यदि इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाना चाहता है तो उसे पहले की कार्रवाई के आंकड़ों के साथ नए आदेश के पालन की स्थिति भी सार्वजनिक करनी चाहिए। केवल चेतावनी दोहराने से समस्या का समाधान कैसे होगा?
नवरात्रि में मुख्य मार्गों पर पशु नहीं दिखने देने के निर्देश
बैठक में आयुक्त ने मुख्य मार्गों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों और श्वानों को पकड़ने की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक से अधिक गाय पालने और उन्हें सड़कों पर छोड़ देने वाले पशुपालकों पर प्रति गाय 1,500 रुपये की चालानी कार्रवाई की जाए।
आगामी नवरात्रि को देखते हुए मुख्य मार्गों पर पशु विचरण नहीं करें, इसके लिए पशुपालकों को चिह्नित करने के निर्देश भी दिए गए। श्वानों के एबीसी यानी नसबंदी कार्यक्रम में प्रगति लाने को कहा गया।
अब इन निर्देशों की कसौटी मैदानी कार्रवाई होगी। पशुपालकों की पहचान, नियमित निगरानी और दोबारा गाय सड़क पर छोड़ने पर कार्रवाई की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है, इसी से निगम की गंभीरता सामने आएगी।
हर जलापूर्ति वाले दिन हो पानी की गुणवत्ता की जांच
पेयजल की गुणवत्ता को लेकर आयुक्त ने जलप्रदाय विभाग के उपयंत्रियों को प्रत्येक सप्लाई वाले दिन पानी की जांच कराने के निर्देश दिए। पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी भी संबंधित उपयंत्रियों को दी गई।
यह निर्देश सीधे शहरवासियों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा है। जांच नियमित हो और किसी तरह की खराबी मिलने पर तत्काल सुधार किया जाए, तभी इसका लाभ लोगों को मिलेगा।
एमजी रोड के अधूरे काम जल्द पूरे करने को कहा
आयुक्त ने एमजी रोड पर नावेल्टी चौराहे से तहसील चौराहे तक शेष कार्य जल्द पूरे कराने के निर्देश सहायक यंत्री सौरभ त्रिपाठी को दिए। कार्य में आ रही समस्याओं का मौके पर जाकर निराकरण करने को कहा गया।
बीमा रोड और गजरा गियर्स से बीएनपी गेट तक सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण की प्रगति भी पूछी गई। डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि वाली जिन सड़कों पर दरारें या सतह संबंधी खराबी आई है, उनमें तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए गए।
योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी
पीएम स्वनिधि और क्रेडिट कार्ड संबंधी कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर आयुक्त ने अप्रसन्नता जताई और संबंधित अधिकारी को सूचना पत्र देने के निर्देश दिए। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में 500 हितग्राहियों के ऋण स्वीकृत कराने तथा नए आवेदन बढ़ाने को कहा गया। मानधन और संबल योजना के कार्यों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मैरिज गार्डनों के सीवरेज कनेक्शन और कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुधारने, वार्डों में कीटनाशक छिड़काव, प्रतिदिन नालियों की सफाई तथा लगाए गए पौधों को पानी देने के निर्देश भी दिए गए। सीएम हेल्पलाइन, महापौर हेल्पलाइन और लोक सेवा अभियान की लंबित शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के साथ 4 अक्टूबर को शिविर आयोजित करने को कहा गया।


