देवास में अवैध शराब से भरे ट्रक से कुचलकर खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत, परिवार को ₹1 करोड़ सहायता के निर्देश,शिक्षक से पुलिस अधिकारी बनने तक का था सफर

धार जिले के बरमंडल गांव के निवासी और 2007 बैच के उप निरीक्षक थे दिलीप पुरी। मुख्यमंत्री ने परिवार को ₹1 करोड़ सहायता और पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति के निर्देश दिए।
देवास। जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान ट्रक से कुचलने से मौत हो गई। घटना हरदा-नेमावर हाईवे पर देर रात हुई। घटना में शामिल ट्रक नंबर एमपी 43 एच 4786 जब्त कर लिया गया है। आबकारी विभाग ने पुष्टि की है कि वाहन में गुप्त पार्टिशन बनाकर शराब छिपाई गई थी।
दिलीप पुरी के निधन से पुलिस विभाग और उनके गृह क्षेत्र में शोक है। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर पुलिस ने सलामी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

अवैध शराब की सूचना पर ट्रक की तलाश कर रही थी पुलिस
मिली जानकारी के मुताबिक, हरदा की ओर से गुजरात जा रहे ट्रक में अवैध शराब होने की सूचना मिली थी। नेमावर और खातेगांव थाने की पुलिस वाहन की तलाश कर रही थी।
प्रारंभिक घटनाक्रम के अनुसार, हाईवे पर वाहन रुकने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी चालक को पकड़ने पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान झूमाझटकी हुई और चालक ने ट्रक आगे बढ़ा दिया। दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
गुप्त पार्टिशन में छिपाई थी शराब, वैध परमिट नहीं मिला
शुरुआत में ट्रक में अवैध शराब होने का दावा सोशल मीडिया पर सामने आया था। बाद में आबकारी विभाग ने इसकी पुष्टि की।
आबकारी अधिकारी पूजा गहलोत के मुताबिक, जांच में वाहन के नीचे गुप्त कंपार्टमेंट मिला, जिसमें शराब की पेटियां रखी थीं। वाहन में वैध परमिट नहीं मिला। पेटियों के लेबल से शराब खरगोन की ब्रेवरीज की होने की जानकारी सामने आई है। शराब के स्रोत और परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
कौन थे दिलीप पुरी? धार के बरमंडल गांव से था संबंध
दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के बरमंडल गांव के निवासी थे। यह गांव राजोद थाना क्षेत्र में आता है। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव में हुई और आगे की शिक्षा उन्होंने धार कॉलेज से प्राप्त की। नौकरी के बाद भी उनका अपने गांव और वहां के लोगों से जुड़ाव बना रहा।
पुलिस में आने से पहले करीब दो साल शिक्षक रहे
दिलीप पुरी ने पुलिस सेवा में आने से पहले शिक्षक के रूप में काम किया था। उन्होंने धार जिले की बदनावर तहसील के दौतरीया गांव में करीब दो वर्ष तक शिक्षकीय सेवाएं दीं।
उनकी रुचि पुलिस सेवा में थी। शिक्षक की नौकरी के साथ वे पुलिस भर्ती की तैयारी करते रहे और बाद में उनका चयन पुलिस सेवा में हो गया। वे वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे।
इंदौर और बड़वानी में भी दे चुके थे सेवाएं
अपने सेवाकाल में दिलीप पुरी इंदौर और बड़वानी जिले में भी पदस्थ रहे। इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी। बड़वानी जिले के सेंधवा में भी उनकी पदस्थापना रही। सितंबर में उन्हें खातेगांव स्थानांतरित किया गया था। उनका परिवार इंदौर में रहता था।
परिवार में पत्नी और एक बेटा-बेटी, बाग से भी था पारिवारिक जुड़ाव
दिलीप पुरी के परिवार में पत्नी कविता, एक बेटी और एक बेटा हैं। उनका विवाह धार जिले के बाग स्थित बड़केश्वर महादेव मंदिर के महंत भगवान पुरी गोस्वामी की बेटी कविता से हुआ था।
परिचितों के मुताबिक, उनका बाग और बड़केश्वर महादेव मंदिर से विशेष लगाव था। वे महाशिवरात्रि और सावन में दर्शन के लिए आते थे तथा मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग भी करते थे। उनके निधन की खबर से बरमंडल के साथ बाग में भी शोक है।

तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को पुलिस ने दी सलामी
कर्तव्य निभाने के दौरान जान गंवाने वाले दिलीप पुरी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को पुलिस ने सलामी देकर विदाई दी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, परिवार के लिए सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दिलीप पुरी के निधन को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने दिलीप पुरी की पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को भेजा, निष्पक्ष जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री की पोस्ट के अनुसार, घटना की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल रवाना किया गया है। मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


