खातेगांव TI दिलीप पुरी हत्याकांड: ड्राइवर और क्लीनर का अलग-अलग शॉर्ट एनकाउंटर, दोनों के पैर में लगी गोली

ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू बरोठा क्षेत्र में और क्लीनर धीरज BNP थाना क्षेत्र में पुलिस की गोली से घायल; अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
देवास। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी ड्राइवर और क्लीनर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार, 3 नवंबर की देर रात दोनों आरोपी अलग-अलग स्थानों पर हुई पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए। ड्राइवर गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू के पैर में बरोठा थाना क्षेत्र में गोली लगी, जबकि क्लीनर धीरज BNP थाना क्षेत्र में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अभिरक्षा से भागने के दौरान पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर हमला किया था।
आलीराजपुर से पकड़ा गया ड्राइवर, बरोठा क्षेत्र में हुई मुठभेड़
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के अनुसार, मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को आलीराजपुर जिले से पकड़ा गया था। उसे लेकर आ रही पुलिस टीम के साथ बरोठा थाना क्षेत्र में यह घटनाक्रम हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर भागने का प्रयास किया और टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे पहले देवास जिला अस्पताल लाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया।
सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, राजोदा और बरोठा के बीच पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया था। पुलिसकर्मी टायर बदल रहे थे, तभी आरोपी ने लघुशंका जाने की बात कही। इसी दौरान उसने एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। पुलिस के मुताबिक, रोकने पर आरोपी ने फायर किया, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी में वह घायल हो गया।
क्लीनर धीरज का BNP थाना क्षेत्र में शॉर्ट एनकाउंटर
इसी मामले में गिरफ्तार क्लीनर धीरज भी पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है। पुलिस के अनुसार, अभिरक्षा में ले जाते समय उसने बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में भागने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि चेतावनी देने के बावजूद आरोपी नहीं रुका। इसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल धीरज को देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एनकाउंटर के दौरान हथियार छीनने और हमले का विवरण पुलिस के बयान पर आधारित है।
1 और 2 नवंबर की दरमियानी रात क्या हुआ था?
देवास पुलिस के 2 नवंबर के प्रेस नोट के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर वाहन क्रमांक MP43 H 4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब टिमरनी, जिला हरदा से गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार टीमें बनाई गईं और नाकेबंदी की गई।
इसी दौरान संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने संदिग्ध वाहन खड़ा मिला। खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी ने चालक से नीचे उतरकर वाहन की तलाशी देने को कहा। पुलिस के मुताबिक, चालक ने जान से मारने की नीयत से उन पर वाहन चढ़ा दिया और वहां से भाग गया। उपचार के दौरान दिलीप पुरी का निधन हो गया।
घटना में आरक्षक सोहन जाट पर भी वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, जिसमें वे घायल हुए। बाद में पुलिस टीमों ने अवैध शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया।
हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज है मामला
खातेगांव थाने में बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में चालक की पहचान आलीराजपुर जिले के निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत के रूप में हुई थी। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
राहुल जायसवाल पर शराब तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप
पुलिस ने इस मामले में राहुल जायसवाल, केरम सिंह चंगोड और विजय राव को पहले ही अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार, केरम सिंह ने आरोपी चालक को वाहन उपलब्ध कराया था।
पुलिस के प्रेस नोट में टिमरनी निवासी राहुल जायसवाल को गुजरात तक अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करने वाला मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि शराब की बिक्री से मिलने वाली रकम उसके पास जमा होती थी और वह अन्य हिस्सेदारों को उनका हिस्सा देता था। इंदौर निवासी विजय राव की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रेस नोट के मुताबिक, संबंधित शराब ठेका पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर है। पुलिस ने जांच में राहुल, मनीष और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत तथा पाटेन्द्र जायसवाल की 10 प्रतिशत भागीदारी सामने आने की बात कही है। इन भूमिकाओं और आरोपों की विवेचना जारी है। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में पांच जिलों में पुलिस टीमें गठित कर दबिश दी गई।
तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित, आबकारी अमले पर भी कार्रवाई
घटना के बाद हरदा जिले में भी कार्रवाई हुई। टिमरनी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षकों को भी निलंबित किया गया। मामले में शराब की निकासी, परिवहन और निगरानी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार को एक करोड़ की सहायता और पत्नी को नौकरी की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिलीप पुरी के निधन पर शोक जताते हुए परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सब इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन को घटनास्थल पर भेजा था।
धार जिले के बरमंडल के रहने वाले थे दिलीप पुरी
दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमंडल के निवासी थे। उनके निधन से परिवार और पैतृक गांव में शोक का माहौल है। उनके पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता ओमप्रकाश पुरी ने घटना की सीबीआई जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



