
पांच जमीनें, पेट्रोल पंप, ₹12.50 लाख नकद, क्वालिस कार और तेल टैंकर पर कार्रवाई; पत्नी और बेटों के नाम दर्ज संपत्तियां भी सील
देवास। इंडियन ऑयल की रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर क्रूड ऑयल चोरी करने के मामले में मथुरा पुलिस ने देवास जिले में बड़ी कार्रवाई की है। मथुरा के फरह थाना पुलिस और देवास प्रशासन की संयुक्त टीम ने सोनकच्छ निवासी अशोक कुमार पुत्र बसंतीलाल की कुल 19 करोड़ 44 लाख 16 हजार रुपये की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दी।
कार्रवाई बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सोनकच्छ तहसील के खोयरा, बेराखेड़ी और सांवेर बी गांव में की गई। टीम ने पांच जमीनों और बेराखेड़ी में संचालित पेट्रोल पंप को सील किया। संपत्तियों पर मथुरा जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का बोर्ड लगाया गया और गांवों में मुनादी भी कराई गई।
मथुरा पुलिस के अनुसार अशोक कुमार का वर्तमान पता कंचन विहार रोड, कंचन बाग, तुकोगंज, इंदौर है, जबकि स्थायी पता एमजी रोड, गीता भवन के सामने, सोनकच्छ बताया गया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज है मामला
फरह पुलिस ने 1 जनवरी 2025 को अशोक कुमार के खिलाफ अपराध क्रमांक 01/2025 में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 की धारा 2/3 के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
पुलिस का आरोप है कि अशोक कुमार ने संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के लिए केंद्र सरकार के उपक्रम की रिफाइनरी तेल पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी की। इससे मिली रकम से अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं।
जांच के बाद फरह पुलिस ने इन संपत्तियों को कुर्क करने के लिए गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत मथुरा जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेजी थी। जिला मजिस्ट्रेट ने प्रकरण क्रमांक 1258/2026 में 3 जुलाई 2026 को संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया।
कुर्क की गई संपत्तियों का पूरा विवरण
| क्रम | संपत्ति और स्थान | किसके नाम | क्षेत्रफल | अनुमानित कीमत |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ग्राम खोयरा, सर्वे नंबर 232(S) | बेटे रुपम के नाम | 3.0500 हेक्टेयर | ₹8,20,80,000 |
| 2 | ग्राम खोयरा, सर्वे नंबर 237(S) | बेटे शुभम के नाम | 2.7300 हेक्टेयर | ₹7,34,70,000 |
| 3 | ग्राम बेराखेड़ी, सर्वे नंबर 1049/3/2(S) | अशोक कुमार के नाम | 0.1700 हेक्टेयर | ₹60,80,000 |
| 4 | ग्राम सांवेर बी, सर्वे नंबर 253/3(S) | पत्नी किरण के नाम | 0.1100 हेक्टेयर | ₹74,25,000 |
| 5 | ग्राम सांवेर बी, सर्वे नंबर 252/2(S) | पत्नी किरण के नाम | 0.1500 हेक्टेयर | ₹1,01,25,000 |
| 6 | ग्राम बेराखेड़ी, सर्वे नंबर 1050(S) पर संचालित जे.जे. किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप | अशोक कुमार के नाम | 0.1500 हेक्टेयर | ₹1,35,00,000 |
| 7 | मामले में बरामद नकदी | अशोक कुमार से बरामद | — | ₹12,50,000 |
| 8 | क्वालिस कार | जब्त वाहन | — | ₹36,000 |
| 9 | तेल टैंकर | जब्त वाहन | — | ₹4,50,000 |
कुर्क संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत: ₹19,44,16,000
प्रेस नोट के अनुसार कुल 6.36 हेक्टेयर जमीन कार्रवाई में शामिल है। इसमें बेराखेड़ी फाटक, पीपलरावां रोड पर संचालित जे.जे. किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप की 0.1500 हेक्टेयर जमीन भी शामिल है।
₹12.50 लाख नकद, क्वालिस कार और तेल टैंकर पहले से फरह थाने में मामले से जुड़ी जब्त संपत्ति के रूप में दाखिल थे। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद इन्हें भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया।
तेल चोरी केस में दर्ज हैं गंभीर धाराएं
मथुरा पुलिस द्वारा जारी आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार अशोक कुमार के खिलाफ फरह थाने में अपराध क्रमांक 314/2023 भी दर्ज है। इसमें पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम, 1962 की धारा 15 और 16, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3/5 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 34, 120-बी, 285, 379, 427 और 440 लगाई गई हैं।
इसके बाद 1 जनवरी 2025 को अपराध क्रमांक 01/2025 में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत दूसरा मामला दर्ज किया गया।
मथुरा डीएम ने देवास प्रशासन से किया था पत्राचार
मथुरा जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद देवास जिला मजिस्ट्रेट से संपत्ति कुर्क कराने के लिए पत्राचार किया गया। देवास प्रशासन ने कार्रवाई के लिए सोनकच्छ एसडीएम को नामित किया। एसडीएम ने तहसीलदार, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाई।
सोनकच्छ तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट हर्षल बहरानी के निर्देशन में कार्रवाई की गई। टीम में राजस्व निरीक्षक रमेशचंद्र आशापुरे, फरह थाना प्रभारी छोटेलाल, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह, प्रधान आरक्षक पंकज कुमार, राजस्व लेखपाल आशुतोष व्यास, सोनकच्छ थाने के प्रधान आरक्षक मदन डोडियार, आरक्षक देवेंद्र और पीपलरावां थाने के प्रधान आरक्षक महेश शामिल रहे।
संयुक्त टीम ने खोयरा, बेराखेड़ी और सांवेर बी पहुंचकर जमीनों और पेट्रोल पंप को कुर्क किया। सभी स्थानों पर आदेश के बोर्ड लगाए गए और लोगों को मुनादी के माध्यम से कार्रवाई की जानकारी दी गई।
यह कार्रवाई पुलिस की जांच और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
