
पड़ाना के पास निर्माणाधीन पुल पर हुआ हादसा, ग्रामीणों ने वाहन रोकने का प्रयास किया था; मृतकों में दो बच्चे भी शामिल
देवास/राजगढ़। देवास जिले के सतवास क्षेत्र का एक परिवार सोमवार को राजगढ़ जिले में बड़े हादसे का शिकार हो गया। परिवार के 11 सदस्य ईको वैन से सतवास से कड़लावद गांव जा रहे थे। सारंगपुर के पास पड़ाना कस्बे में झिरी नाले पर पानी का तेज बहाव होने से उनकी वैन बह गई। शुरुआती सूचना में नौ लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। इसके बाद चले रेस्क्यू अभियान में दो बच्चों सहित सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। दो लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार हादसा 10 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे पचोर-सारंगपुर मार्ग पर हुआ। ईको वैन में एक ही परिवार के तीन पुरुष, चार महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। बताया जा रहा है कि पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट लंबे पुल का निर्माण चल रहा है। भारी बारिश के कारण नाले का पानी सड़क और पुल के ऊपर से बह रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पानी के कारण चालक को निर्माणाधीन पुल और सड़क की वास्तविक स्थिति समझ नहीं आई। ग्रामीणों ने वाहन रोककर आगे पानी और खतरा होने की जानकारी भी दी थी। इसके बावजूद वाहन आगे बढ़ गया और कुछ ही देर में तेज बहाव की चपेट में आकर नाले में बह गया।
चालक और उसके चाचा ने तैरकर बचाई जान
बताया जा रहा है कि ईको वैन सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर पंजीकृत है। हादसे के समय मुकेश ही वाहन चला रहा था। कार बहने के बाद मुकेश और उसके चाचा हुकुम सिंह किसी तरह वाहन से बाहर निकले और तैरकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद दोनों सदमे में बताए जा रहे हैं।
मृतकों में तीन पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे
दोपहर करीब 2:30 बजे तक सामने आए अपडेट के अनुसार रेस्क्यू टीम ने सात शव बरामद कर लिए थे। इनमें तीन पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। सभी शवों को सारंगपुर अस्पताल पहुंचाया गया है। मृतकों की आधिकारिक पहचान और उम्र संबंधी जानकारी प्रशासन की ओर से जारी होने का इंतजार है।
वाहन में सवार 11 लोगों में दो लोगों के सुरक्षित निकलने और सात शव मिलने के बाद अब दो लोग लापता हैं। उनकी तलाश के लिए SDERF, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
क्रेन की मदद से बाहर निकाली गई वैन
हादसे की सूचना मिलते ही सारंगपुर एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ईको वैन को नाले से बाहर निकाला गया, लेकिन वाहन के अंदर कोई व्यक्ति नहीं मिला। आशंका है कि तेज बहाव के कारण उसमें सवार लोग काफी दूर तक बह गए होंगे। इसी कारण आसपास के इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण बचाव दल को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद हैं और रेस्क्यू टीम की मदद कर रहे हैं।
PWD ने कहा—मौके पर लगे थे डायवर्जन बोर्ड
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर पीके शर्मा के अनुसार सड़क और पुल का निर्माण कार्य चल रहा है तथा वहां डायवर्जन संबंधी बोर्ड लगाए गए थे। ग्रामीणों ने भी वाहन चालक को आगे जाने से रोकने का प्रयास किया था। हालांकि पानी अधिक होने के कारण सड़क, पुल और नाले की स्थिति साफ दिखाई नहीं दे रही थी।
राजगढ़ में 24 घंटे से भारी बारिश
राजगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार भारी बारिश हो रही है। पड़ाना क्षेत्र में आठ इंच से अधिक बारिश होने की सूचना है। इससे नदी-नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर पानी भर गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी से भरी पुलिया या सड़क को पार करने का जोखिम न लें।
अपडेट: यह समाचार 10 अगस्त 2026 को दोपहर 2:30 बजे तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।


